शामली। जिले की तीनों शुगर मिलो में पेराई सत्र को चालू किया जा चुका है। शामली शुगर मिल की रिकवरी दर सबसे अधिक 10.91 है जबकि पिछले साल का बकाया भुगतान करने में मिल सबसे पीछे है। अभी भी 128 करोड़ रुपया मिल पर बकाया है।
इसी तरह थानाभवन मिल की रिकवरी दर 9.95 है जबकि पिछले साल का बकाया भुगतान 45 करोड़ रुपये बकाया है। ऊन मिल की रिकवरी 9.5 है, इसने बकाया 18 करोड़ का भुगतान कर दिया है।
सबसे पहले थानाभवन और उसके बाद ऊन चीनी मिल का पेराई सत्र इस बार शुरू हुआ। सबसे बाद में शामली शुगर मिल का पेराई सत्र शुरू हुआ। रिकवरी दर में शामली मिल जिले में सबसे ऊपर है। एक क्विंटल गन्ने से शामली मिल में 10.91 किलो तक चीनी तैयार की जा रही है, जबकि ऊन में करीब 9.5 किलो और थानाभवन में 9.95 किलो चीनी तक तैयार होती है।
किसानों का कहना है कि बार-बार मांग के बावजूद उन्हें बकाया भुगतान नहीं दिया जा रहा है। वे आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। बच्चों की फीस से लेकर तमाम जरूरी काम भुगतान नहीं मिलने के कारण अटके हुए है।
ऊन शुगर मिल के यूनिट हेड अवनीश कुमार ने बताया कि पिछले साल करा भुगतान लगभग 18 करोड़ रुपये बकाया था, उसका भुगतान कर दिया गया है । कुछ खातों में चला गया बाकी भी कल सोमवार को खातों में चला जाएगा।
n आए दिन खराब हो रही शामली शुगर मिल : शामली शुगर मिल त्रिवेणी ग्रुप के पास जाने के बाद किसानों को उम्मीद थी कि इस बार पेराई के दौरान मिल खराब नहीं होगी। मगर पांच दिन में तीन बार मिल में तकनीकी खराबी आ चुकी है। जबकि मिल प्रशासन ने टरबाइन से लेकर अन्य उपकरण नए लगाए थे। मिल में खराबी के कारण शहर में जगह जगह जाम भी लग रहा है।