छह साल बाद भी कलक्ट्रेट कार्यालय का निर्माण कार्य अधूरा
शामली। उत्तर प्रदेश शासन से 80 प्रतिशत से अधिक धनराशि अवमुक्त होने के बाद भी कलक्ट्रेट कार्यालय का निर्माण कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। पिछले छह साल में केवल 50 फीसदी ही कार्य पूरा हुआ है। राजकीय निर्माण निगम के अफसरों के मुताबिक नवीन कलक्ट्रेट मुख्यालय का संपूर्ण भवन तैयार होने में अभी छह माह से अधिक समय लगेगा।
पूर्वी यमुना नहर के किनारे गोहरनी गांव के जंगल मेें नवीन कलक्ट्रेट कार्यालय का निर्माण वर्ष 2015 से चल रहा है। नवीन कलक्ट्रेट कार्यालय में चार ब्लाक डीएम ब्लाक, कोर्ट ब्लाक, नजारत ब्लाक, कलक्ट्रेट संयुक्त कार्यालय, नालियां, सड़क और पार्क का निर्माण होना है। नवीन भवन में डीएम ब्लाक तीन मंजिला, डीएम कोर्ट और नजारत दो मंजिला का निर्माण प्रस्तावित है। पिछले छह साल में अभी तक कोई ब्लाक तैयार नहीं हुआ है। राजकीय निर्माण निगम के अफसरों के मुताबिक डीएम ब्लाक अभी तक 80 प्रतिशत, डीएम कोर्ट ब्लाक 65 प्रतिशत, नजारत ब्लाक 25 प्रतिशत संयुुक्त कार्यालय भवन का मात्र 30 प्रतिशत कार्य पूूरा हुआ है। समूचे नवीन कलक्ट्रेट कार्यालय का मात्र पचास फीसदी कार्य पूरा हो पाया है। राजकीय निर्माण निगम को डीएम ब्लाक को पहले 31 मार्च और बाद में 30 जूून तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था। हालांकि 30 जून के बाद भी कार्य अधूरा पड़ा है।
कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के अवर अभियंता कमल कांत शर्मा ने बताया कि नवीन कलक्ट्रेट कार्यालय की 29 करोड़ 53 लाख की कुल धनराशि में से 25 करोड़ 92 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त हो चुकी है। जून माह तक 14 करोड़ 31 लाख रुपये की धनराशि खर्च हो चुकी है। 15 करोड़ 22 लाख रुपये की धनराशि निर्माण एजेंसी के खाते में होने के बाद भी निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। उनका कहना है कि नवीन कलक्ट्रेट भवन का संपूर्ण कार्य दिसंबर तक पूरा होजाएगा।
अगले सप्ताह होगी अफसरों की बैठक
शामली जिले के अधूरे प्रोजेक्ट के संबंध में निर्माण एजेंसी के अफसरों के साथ अगले सप्ताह में बैठक करके निर्माण कार्य में तेजी लाएंगे। अगले छह माह में विकास कार्य पूरे कराए जाएंगे।
-सुरेश राणा कैबिनेट मंत्री गन्ना एंव चीनी उद्योग उत्तर प्रदेश शासन।