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Shamli News: गोलमाल करने वाले 17 ग्राम सचिवों को प्रतिकूल प्रविष्टि

Tue, 26 Nov 2024 02:59 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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19 नवंबर को अमर उजाला में प्रका​शित खबर ।
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शामली। कांधला और कैराना क्षेत्र की 16 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवों द्वारा मनमाने तरीके से विकास कार्य कराने के मामले में मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर 17 ग्राम सचिवों को जहां प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई है वहीं सभी की वेतन वृद्धि पर भी अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है। तीन ग्राम सचिवों को अधिकारियों ने क्लीन चिट दी है। जल्द ही ग्राम सचिवों पर एफआईआर भी हो सकती है। सभी कार्यों के लिए चार करोड़ रुपये के भुगतान की बात सामने आई थी।
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दरअसल, पंचायती राज्य विभाग के निदेशक अटल कुमार राय ने डीएम और सीडीओ को जुलाई में पत्र भेजकर कांधला और कैराना ब्लॉक क्षेत्र में विकास कार्य कराने के नाम पर घोटाले का आरोप लगाया था। कुल सात बिंदुओं टेंडर, कोटेशन, एस्टीमेट, बिल, माप पुस्तिका, तकनीकी, प्रशासनिक/वित्तीय स्वीकृति के साथ साथ फोटोग्राफ की आख्या मांगी गई थी। 16 ग्राम पंचायतों के 94 कार्य चिह्नित किए गए थे, जिनमें घोटाले की बात कही जा रही थी। सभी कार्यों में करीब चार करोड़ रुपये का भुगतान कंपनी को किया गया था।

गठित कमेटी की जांच में सामने सामने आया था कि 16 ग्राम सचिवों ने 84 कार्याें में तकनीकी स्वीकृति नहीं ली। सभी 94 कार्यों में वित्तीय स्वीकृति नहीं ली गई। जांच में सामने आया है कि बिना टेंडर, कुटेशन प्रक्रिया के ही गांवों में सड़क से लेकर मरम्मत के कार्य करा दिए गए।
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परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद सोमवार को जिलाधिकारी अरविंद चौहान और मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी के आदेश पर दोषी पाए गए 17 ग्राम सचिवों को जहां प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई, वहीं वेतन वृद्धि पर भी स्थाई रूप से रोक लगा दी गई है।
डीपीआरओ संदीप अग्रवाल ने बताया कि तीन ग्राम सचिव निर्दोष पाए गए, जिन्हें क्लीन चिट दी गई है। अधिकारियों के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा
वैसे तो जुलाई के बाद जिला प्रशासन को अधिकारियों का पत्र प्राप्त होने के बाद से ही अमर उजाला ने मामले को लेकर प्रमुखता से खबरें प्रकाशित कीं। कमेटी की जांच में 18 नवंबर को बिना अनुमति के कार्य कराने की बात सामने आई। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित किया था। लगातार खबरें प्रकाशित होने का नतीजा रहा कि अब अधिकारियों को ग्राम सचिवों पर शिकंजा कसना पड़ा। अब ग्राम सचिवों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
- किसी भी विकास कार्य या फिर अन्य मामलों में गोलमाल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इस संबंध में मातहतों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। 17 ग्राम सचिवों पर शिकंजा कसा गया है। - अरविंद चौहान, जिलाधिकारी शामली
- इन ग्राम पंचायतों में कराए गए थे कार्य
कैराना के ग्राम पंचायतों में 2019, 2020, 2021, 2022 व 2023 में कुल 94 कार्य कराए गए थे, जिनमें टिटोली में 1, ऐरटी में 1, रामड़ा में 15, मंडावर में 7, अकबरपुर सुनेहटी में 1, गंदराऊ में 1, मुहम्मदपुर राई में 10, ऊंचागाव में 26, नगलाराई में 1, इस्सोपुर खुरगान में 3, भूरा में 19, बराला में 2, बुच्चाखेड़ी में तीन, कैराना देहात में एक, जंधेड़ी में एक व मलकपुर में दो कार्य शामिल हैं।

- इन 17 सचिवों को दी गई प्रतिकूल प्रविष्टि
सुशील कुमार, कांधला, अशरद सैफी कांधला, वसीम कैराना, प्रमोद कैराना, रूपेश केराना, प्रवीण कैराना, मनोज कांधला, तपेश गिरी कांधला, रोहित कांधला, मुकुल बलदेव कांधला, विदुर पंवार कैराना, विनोद कुमार कैराना, सतपाल कैराना, निशांत कैराना, निशांत मान कांधला, अनुज कुमार कांधला, राहुल कुमार कांधला के प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई हैं। जबकि ओमपाल कैराना, अनिल कैराना, महेंद्र सिंह कांधला को क्लीन चिट दे दी गई।
चार साल तक किया गोलमाल

अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2019 से लेकर 2023 तक कांधला, कैराना ब्लॉक के गांव में गोलमाल किया गया। इस दौरान अलग अलग ग्राम सचिव तैनात रहे, जिनमें 17 के खिलाफ सुबूत जांच कमेटी को मिले, तीन को क्लीन चिट मिली।
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