शामली। भाकियू के चक्का जाम की घोषणा को लेकर प्रशासन ने यातायात संचालन के लिए जनपद में छह प्वाइंट पर रूट डायवर्जन किया। इसके चलते चक्का जाम स्थल तक वाहनों को पहुंचने से पहले ही दूसरे मार्गों से निकाल दिया गया।
बुधवार पूर्वाह्न 11 से दोपहर एक बजे तक चक्का जाम को लेकर प्रशासन ने भी यातायात डायवर्जन प्लान तैयार कर लागू किया। यातायात प्रभारी भंवर सिंह ने बताया कि जनपद में छह प्वाइंट एसटी तिराहा, सिसौली अड्डा, जलालाबाद, बिड़ौली, बुढ़ाना फाटक, धीमानपुरा से रूट डायवर्जन किया गया। इन प्वाइंटों पर यातायात और थाना पुलिस तैनात रही। डायवर्जन प्लान के मुताबिक मुजफ्फरनगर से मेरठ जाने वाले वाहनों को सिसौली अड्डे से डायवर्ट कर भौराकलां, फुगाना होते हुए निकाला गया। सहारनपुर से करनाल जाने वाले वाहनों को जलालाबाद से चौसाना, बिड़ौली होते हुए भेजा गया। करनाल से सहारनपुर जाने वाले वाहनों को इसी मार्ग से निकाला गया। शहर के अंदर आने वाले वाहनों को धीमानपुरा फाटक, माजरा रोड से डायवर्ट कर गोहरनी-किरोड़ी मार्ग से सहारनपुर मार्ग पर निकाला गया। मुजफ्फरनगर की तरफ से शहर में आने व शहर से जाने वाले दुपहिया वाहनों को पंजाबी कालोनी रेलपार से निकाला गया।
एसटी तिराहा से हुआ बसों का संचालन
सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, गंगोह से शामली तक आने व जाने वाली बसों का संचालन एसटी तिराहा से किया गया जबकि लंबे रूट की बसें डायवर्ट किए मार्ग से चलती रहीं। एसटी तिराहा तक बसों के आने व जाने के कारण यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। महिलाएं हाथ में बैग लेकर बच्चों के पैदल ही एसटी तिराहा से करीब एक किलोमीटर तक पैदल ही चलकर शामली तक पहुंचती हुई दिखाई दी। कुछ यात्री ई रिक्शा में बस किराये से अतिरिक्त खर्च कर शामली तक पहुंचे। रोडवेज बस स्टेशन के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि चक्का जाम में कोई बस नहीं फंसी। डायवर्ट किए गए रूट से लंबे मार्ग की बसें चलती रही। इससे बसें थोड़ा लेट चली। शामली तक आने वाले बसें एसटी तिराहा से चलती रही।