शामली। लघु एवं सीमांत किसानों को फसली ऋण माफी योजना के तहत बनाई गई कृषकों की सूची में 438 मृतक पाए गए हैं, जिनके वारिसान को योजना का लाभ दिलाया जाना है।
इस कार्य में बैंक अधिकारियों की तरफ से लापरवाही बरती जा रही है। जिलाधिकारी ने बैंक अधिकारियों की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि वारिसान के बैंक खाते खोलकर योजना के पोर्टल पर जानकारी अपलोड नहीं की गई, तो बैंक कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।
मंगलवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में डीएम ने ऋण माफी योजना की समीक्षा बैठक की। जिले के करीब 58 हजार किसानों के नाम योजना में शामिल किए गए थे। उनमें से 438 किसान की पूर्व में मृत्यु हो चुकी है, जिसके चलते इनके वारिसान का खाता खुलवाकर योजना का लाभदिया जाना है।
इन किसानों में से अभी तक सिर्फ 137 किसानों के ही वारिसान के खाते खुल पाए हैं, जबकि 301 वारिसान के खाते नहीं खुल पाए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि ऋण माफी योजना प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसकी लगातार मॉनिटरिंग हो रही है।
जिन बैंक अधिकारियों ने खाते खोलने और सूचना अपलोड करने में लापरवाही बरती है, उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। आयोजित बैठक में मुख्य विकास अधिकरी रेणू तिवारी जिला कृषि अधिकारी हरि शंकर और विभिन्न बैंकों से अधिकारी मौजूद रहे।