जिले में आचार संहिता के कारण विधायकों के कोटे से लगने वाले हैंडपंपों का काम अधर में लटक गया है। जल निगम भी आचार संहिता समाप्त होने का इंतजार कर रहा है। जल निगम के अधिकारियों के अनुसार आचार संहिता समाप्त होने के बाद हैंडपंपों के रुके हुए सभी काम जुलाई तक पूरे कर लिए जाएंगे। मगर, अभी तक पिछले साल के हैंडपंप लगाने का ही काम पूरा नहीं हो पाया है। साथ ही इस साल की विधायकों ने हैंडपंप लगाने की सूची भी नहीं भेजी है। अब यह देखना है कि जलनिगम के अधिकारी जुलाई तक ये सारा काम किस तरह पूरा कर पाएंगे।
जिले के सभी विधायकों को एक साल में 100 हैंडपंप लगाने का निर्धारित कोटा होता है। इस साल 11 अप्रैल से लेकर 19 मई तक होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता 10 मार्च से सभी जिलों में लागू कर दी गई थी। आचार संहिता लगने से विधायकों के निर्धारित हैंडपंप के कोटे की सूची के अनुसार सत्यापित सूची के अनुरूप वर्ष 2018-19 के जल निगम हैंडपंपों को स्थापित नहीं कर पाया है। वर्ष 2019- 20 के निर्धारित कोटे की सूची न आने से हैंडपंप कार्य भी अधर में लटका हुआ है। जल निगम कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2018-19 के निर्धारित कोटा में से कैराना से विधायक नाहिद हसन के 100 हैंडपंपों की सूची में से 41 हैंडपंप लग पाए हैं। शामली विधायक तेजेंद्र निर्वाल के निर्धारित कोटे में मात्र 35 हैंडपंपों की सूची प्राप्त हुई है, जिनमें 11 हैंडपंप ही लग पाए हैं।
उधर, थानाभवन के विधायक व प्रदेश के गन्ना विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेश राणा के निर्धारित कोटे की सूची के सभी हैंडपंप लगा दिए गए हैं। जल निगम शामली के अधिशासी अभियंता आरके जैन बताया कि वर्ष 2019- 2020 के जिले के सभी विधायकों को निर्धारित कोटे के अनुरूप सूची आचार संहिता लगने के कारण प्राप्त नहीं हो पाई है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद पिछले साल के अधूरे हैंडपंपों का कार्य जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। इस साल 2019- 20 के माननीय कोटे की सूची प्राप्त करके सत्यापित करने के बाद इस साल माननीयों के हैंडपंप स्थापित करने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
155 हैंडपंपों की सूची भेजी जा चुकी है : तेजेंद्र निर्वाल
नए वित्तीय वर्ष की सूची नवंबर, दिसंबर तक सत्यापित होती है। 31 मार्च तक हैंडपंपों की स्थापित किया जाता है। विधायक तेजेंद्र निर्वाल का कहना है कि हैंडपंप की टैंडरिंग की व्यवस्था लागू कर दी गई। विधायक कोटे के तहत हैंडपंपों की सूची जल निगम को सूची भेजी जाती है। उस सूची को विभाग का जेई सत्यापित करता है। सत्यापित रिपोर्ट के बाद सूची के अनुसार जल निगम हैंडपंप को स्थापित करता है। पिछले दो साल में 200 हैंडपंपों में से 155 हैंडपंपों की सूची जल निगम को जारी की जा चुकी है। एक सूची का टेंडर फरवरी माह में होना था, जो चुनाव आचार संहिता के कारण नहीं हो पाया है। मतगणना के दिन चुनाव आचार संहिता समाप्त होने के बाद अधूरे हैंडपंपों की सूची का सत्यापन के बाद स्थापना का कार्य पूरा करा लिया जाएगा।
200 हैंडपंपों की सूची भेज चुके हैं : नाहिद हसन
कैराना विधायक नाहिद हसन का कहना कि वर्ष 2018-19 में 200 हैंडपंपों की सूची भेजी थी। जिसमें 100 हैंडपंप मिल गए थे। जो क्षेत्र में लगा दिए गए। इसके अलावा नए सत्र में 20-22 हैंडपंप और आए हैं। जिनको आचार संहिता समाप्त होने के बाद लगवा दिए जाएंगे।
सबसे ज्यादा हैंडपंप लगवाए गए : सुरेश राणा
थानाभवन विधायक सुरेश राणा के मुताबिक पिछले डेढ़ साल में थानाभवन विधानसभा में सबसे ज्यादा हैंडपंप लगवाए गए हैं। निर्धारित कोटे के अलावा 500 हैंडपंप सैमसंग कंपनी के शामिल हैं। वर्ष 2019-20 के लिए अपने कोटे के हैंडपंपों की सूची चुनाव आचार संहिता समाप्त होने के बाद जल निगम को भेज दी जाएगी।
वर्ष 2018-19 में माननीयों के कोटे के हैंडपंप का ब्योरा
माननीयों का हैंडपंप का निर्धारित कोटा 100
नाम - विधानसभा - सूची - लगे हैंडपंप
नाहिद हसन- कैराना- 100 - 41
तेजेंद्र निर्वाल- शामली- 35- 11
सुरेश राणा- थानाभवन- 100- 100