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Shamli News: दस रुपये का लेनदेन, खातों पर ताला... निर्दोषों का निकला दिवाला

Fri, 16 Oct 2026 01:17 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। साइबर ठगी की रकम के लेनदेन की जांच में निर्दोष खाताधारक भी परेशानी झेल रहे हैं। किसी के खाते में 800 रुपये आए तो किसी के खाते में महज 10 रुपये। इसके बाद उनका बैंक खाता फ्रीज हो गया। दुकानदारों से लेकर आम लोगों तक को अपने ही रुपये इस्तेमाल करने के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पुलिस अब तक दो हजार से अधिक म्यूल खातों पर कार्रवाई कर चुकी है, जबकि एक हजार से अधिक निर्दोष लोगों के खाते भी कार्रवाई की जद में आ गए है।
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800 रुपये आए, खाते पर लग गया ताला
जमालपुर निवासी मनोज के खाते में 800 रुपये आने के बाद खाता फ्रीज कर दिया गया। मनोज का कहना है कि एक दुकानदार ने उनके खाते में रुपये भेजे थे। साइबर ठगी से कोई संबंध नहीं होने के बावजूद वह खाता खुलवाने के लिए चक्कर काट रहे हैं।
दस रुपये आए और बंद हो गया खाता
झिंझाना निवासी गुल्लू ने बताया कि सितंबर में उनके खाते में 10 रुपये आए थे। इसके बाद उनका खाता फ्रीज कर दिया गया। अब वह खाता खुलवाने के लिए पुलिस के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं।
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दिल्ली से पश्चिम बंगाल तक कार्रवाई
पुलिस के अनुसार साइबर ठगी की रकम से जुड़े खातों पर शामली के अलावा गुजरात, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, मिजोरम, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में भी कार्रवाई कराई गई है। कुछ खातों में ठगी की रकम के महज 10 से 50 रुपये तक पहुंचे थे। जिले में हर माह पांच से छह प्राथमिकी दर्ज की जा रही हैं। एक साल में 44 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
संदिग्ध लेनदेन का मतलब अपराध में संलिप्तता नहीं
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार साइबर अपराध की रकम आगे भेजने के लिए इस्तेमाल होने वाले खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है। इन पर कार्रवाई जरूरी है, लेकिन किसी खाते में संदिग्ध रकम आने मात्र से खाताधारक को अपराध में शामिल नहीं माना जा सकता। लेनदेन की पूरी शृंखला, रकम का स्रोत और खाताधारक की भूमिका की जांच जरूरी है। संलिप्तता नहीं मिलने पर सत्यापन जल्द पूरा कर खाता अनफ्रीज कराया जा रहा है।
खाता फ्रीज हो जाए तो क्या करें
खाताधारक बैंक से खाता फ्रीज होने का कारण और संबंधित शिकायत या संदर्भ संख्या लें। बैंक स्टेटमेंट, यूपीआई ट्रांजेक्शन आईडी और रकम के स्रोत से जुड़े प्रमाण के साथ संबंधित साइबर सेल या जांच अधिकारी को लिखित आवेदन दें। आवेदन की प्राप्ति सुरक्षित रखें। यदि दूसरे राज्य की पुलिस या जांच एजेंसी ने खाता फ्रीज कराया है तो उससे भी संपर्क करें।
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