बनत निवासी महिला निजा मेहरा ने शामली निवासी पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल के भाई विनय बंसल, भतीजे चरत बंसल व सात आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ आदर्श मंडी थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। महिला ने उन पर कृषि भूमि को हड़पने और ट्रैक्टर चलाकर फसल नष्ट करने का आरोप लगाया है।
बनत की मूल निवासी एवं हाल निवासी स्वामी नगर दयाल बाग आगरा की निजा मेहरा ने आदर्श मंडी थाने पर दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उनकी व उनके पिता देवप्रकाश वैश की गांव बनत में कृषि भूमि है। उसके पिता संयुक्त राष्ट्र संघ डेनमार्क में कार्यरत थे। इसी का फायदा उठाकर विनय बंसल व उनके भतीजे चरत निवासी शामली ने आपस में मिलकर सरकारी कर्मचारियों से सांठगांठ कर कृषि भूमि को हड़पने के उद्देश्य से चकबंदी अधिकारी जानसठ कैंप मुजफ्फरनगर के न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय ने 16 सितंबर 2011 का आदेश पारित किया था जिसमें संशोधन तालिका के पहले पेज के अंतिम में नोट में स्पष्ट रूप से लिखा कि खतौनी खाता संख्या 788 में गाटा संख्या 1195 नहीं है।
संशोधन तालिका में पेज संख्या दो पर लिखा है कि संशोधन तालिका बंजर ग्राम सभा से संबंधित है, डीएम की अनुमति अपेक्षित है। विनय व चरत को जब इसकी जानकारी मिली तो नियम 109 क की मूल पत्रावली जोत चकबंदी अधिकारी कैंप जानसठ मुजफ्फरनगर में वाद संख्या 91 धारा 9ए (2) ग्राम बनत शामली अशोक कुमार बनाम ग्राम सभा आदेश 20 मार्च 2009 के आदेश के तीसरी लाइन में खाता संख्या 788 में अंक 7 की जगह कूट रचना करके 9 बना दिया।
महिला का आरोप है कि विनय व चरत ने आपस में मिलकर षड़यंत्र रचकर सरकारी कर्मचारियों से मिलकर अदालती आदेश में कूट रचना कर ग्राम सभा की चार बीघा बंजर भूमि का नुकसान किया और उसकी व उसके पिता की सात-आठ बीघा भूमि को हड़प लिया। यह वाद न्यायालय में लंबित है। महिला का आरोप है कि सात जून की सुबह विनय व चरत ने अपने सात आठ लोगों के साथ उनकी कृषि भूमि पर चार ट्रैक्टर चलाकर गन्ने व ज्वार की लाखों की कीमत की फसल को रौंदकर नष्ट कर दिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। उधर, चरत बंसल का कहना है कि उन्होंने न तो किसी की जमीन हड़पी और न ही कोई फसल नष्ट की है। उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार और बेबुनियाद है।