शामली। पूर्वी यमुना नहर का पानी बागपत जिले में नहीं पहुंच पा रहा। बागपत के किसानों की मांग पर वहां के सांसद राजकुमार सांगवान ने सिंचाई विभाग से बात की। जिसके बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने गंदवेड़ा संगम पर भनेड़ाउद्दा और भैंंसवाल के किसानों को समझाकर बागपत जिले में पानी भिजवाने के लिए सहमति बनवाई। जिसके बाद सिंचाई विभाग भनेडा उद्दा और भैंसवाल के नहर में पानी देने वाले रेगुलटर तीन दिन के लिए बंद करेगा।˘
जिससे बागपत जिले को तो पानी मिलेगा लेकिन शामली जनपद के कैराना व यारपुर समेत चार रजबहों में पानी आपूर्ति नहीं होगी। जिससे 35 गांवों की 500 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई प्रभावित होगी। सिंचाई विभाग ने किसानों से सहयोग की अपील की है।
सहारनपुर जिले से शुरू होकर शामली, बागपत और गाजियाबाद जिले से होकर दिल्ली तक पूर्वी यमुना नहर का पानी जाता है। गर्मी शुरु होते ही सहारनपुर से यमुना नदी से पूर्वी यमुना नहर में बहुत कम पानी मिल रहा है। यमुना नहर में रुड़की नहर के माध्यम से 1100 क्यूसेक के स्थान पर 513 क्यूसेक गंगा का पानी यमुना नहर को मिल रहा है। कम पानी मिलने पर हरिद्वार से गंगा का पानी बागपत जिले को पिछले तीन माह से नहीं मिल रहा था। पानी नही मिल पाने से बागपत के किसान आंदोलित थे। बागपत के सांसद डाॅ. राजकुमार सांगवान ने शामली और सहारनपुर जिले के सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात की।
रविवार को पूर्वी यमुना नहर खंड के अधिशासी विवेक और उप राजस्व अधिकारी अंबुज कुमार चौधरी ने सभी जिलेदार को लेकर गंदवेडा संगम पर पहुंचकर भनेडा उद्दा और भैसवाल के किसानों को समझाकर बागपत जिले की नहरों तक पानी भिजवाने के लिए राजी किया। उप राजस्व अधिकारी ने बताया कि ऊपर से मिलने वाले पानी में काफी समस्या हो रही है। पानी बहुत ही कम मात्रा में मिल पा रहा है। जनपद शामली के नीचे जनपद बागपत की नहरों पर पानी नहीं जा पा रहा है। इससे जनपद बागपत में फसलें काफी खराब स्थिति में है।
पानी की मांग बहुत ज्यादा हो रही है, इसलिए शामली क्षेत्र में पड़ने वाले भनेड़ा रेगुलेटर (गेट) पर नहरों को आने वाले तीन दिनों के लिए बंद किया जा रहा है। इसी प्रकार भैंसवाल रेगुलेटर की नहरों को भी तीन दिन के लिए बंद किया गया है। हर रेगुलेटर की एक नहर तीन दिन बाद 12 जून 2025 से चलाना प्रारंभ करेंंगें।