शामली। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में भी दलालों ने सेंध लगा दी है। रिश्वतखोरों का रैकेट योजना का लाभ दिलाने के नाम पर युवाओं से 10 से 20 हजार रुपये तक वसूल रहा है। इतना ही नहीं दलाल पांच लाख रुपये का ऋण स्वीकृत होने के बाद पांच प्रतिशत कमीशन तक ले रहे हैं।
टीम ने सात दिन तक योजना के नाम पर चल रहे इस खेल की पड़ताल की। इसमें सामने आया कि कुछ लोग विभाग में अपनी पकड़ और सेटिंग होने का दावा कर युवाओं को झांसा दे रहे हैं। उनका दावा है कि रुपये देने पर एक महीने के भीतर योजना का लाभ दिला दिया जाएगा।
फाइल और काम कराने के दस-दस हजार
दलाल एक से बातचीत
संवाददाता : सीएम उद्यमी योजना का लाभ दिला दो, आवेदन के बाद भी नाम नहीं आ रहा है?
दलाल : भाई, दस हजार रुपये पहले देने पड़ेंगे। इसके बाद दस हजार रुपये उद्योग विभाग में फाइल आगे बढ़ाने के लगेंगे।
संवाददाता : गरीब आदमी हूं, यह तो बहुत ज्यादा हैं?
दलाल : पांच लाख रुपये खाते में आने के बाद पांच प्रतिशत राशि और देनी पड़ेगी। वैसे इसे कम करा दूंगा।
संवाददाता : काम हो जाएगा ना?
दलाल : हमारी विभाग में अंदर तक सेटिंग है। लिस्ट में तुम्हारा नाम आ जाएगा।
खुद को कर्मचारी बताकर भी मांगे रुपये
दूसरे दलाल से बातचीत
संवाददाता : सीएम उद्यमी योजना में लाभ दिला दो, दुकान खोलनी है।
दलाल : दस हजार रुपये दे देना, काम हो जाएगा।
संवाददाता : दस हजार रुपये ज्यादा हैं।
दलाल : विभागीय अधिकारियों को भी राशि देनी पड़ती है, समझा करो।
संवाददाता : बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर बिजनौर और अन्य जिलों में भी योजना का लाभ दिला दोगे?
दलाल : वहां भी सेटिंग है, अपने आदमी हैं। टेंशन मत लो, काम हो जाएगा।
पात्र आवेदनकर्ता काट रहे विभाग के चक्कर
झिंझाना निवासी अब्दुल रहमान ने बताया कि उन्होंने छह माह पहले मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लिए आवेदन किया था, लेकिन आवेदन निरस्त कर दिया गया। अधिकारियों से शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ। झिंझाना निवासी गुल्लू ने बताया कि उन्होंने चार माह पहले योजना के लिए आवेदन किया था, लेकिन कमियां बताकर आवेदन निरस्त कर दिया गया।
क्या है मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत युवाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाता है। इसमें किसी गारंटी की आवश्यकता नहीं होती। योजना का लाभ 21 से 40 वर्ष तक के युवाओं को दिया जाता है।
923 आवेदन, 151 को मिला लाभ
जिला उपायुक्त उद्योग के अनुसार जिले में योजना के तहत 1100 युवाओं को लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 923 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिन्हें संस्तुति के बाद बैंकों को भेजा गया है। जिले में अभी तक 151 युवाओं को योजना का लाभ मिल चुका है।
योजना के तहत रुपये वसूलने का मामला अभी संज्ञान में नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- रितिका, उपायुक्त, उद्योग
सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत रुपये वसूलने का मामला गंभीर है। मामले की जांच कराई जाएगी। वसूली करने वाले गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा। जिला उपायुक्त उद्योग से भी जवाब तलब किया जाएगा।
- आलोक यादव, जिलाधिकारी, शामली
नोट : कल के अंक में पढ़िए... विश्वकर्मा सम्मान योजना में भी दलालों का खेल, घर बैठे मशीन और उपकरण पहुंचाने का झांसा देकर वसूली