शामली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा क्लेम देने में लापरवाही बरतने पर स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, सहारनपुर के डाक्टर राहुल समेत तीन पक्षों को दोषी मानते हुए पीड़ित को 2.26 लाख रुपये अदा करने के आदेश दिए हैं। आयोग ने बीमा कंपनी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
गांव डूंडूखेड़ा निवासी सुभाष ने आयोग में दायर याचिका में बताया कि उन्होंने स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के माध्यम से 8821 रुपये प्रीमियम जमा कर फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कराई थी, जिसकी वैधता 17 अगस्त 2021 से 16 अगस्त 2022 तक थी। पॉलिसी में उनके साथ परिवार के चार सदस्यों का बीमा कवर शामिल था।
याचिका के अनुसार एक अक्तूबर 2021 को उसका पुत्र अर्जुन बाथरूम में फिसलकर घायल हो गया, जिससे उसके बाएं हाथ में गंभीर चोट आई। उसे सहारनपुर के आनंद अस्पताल में दिखाया गया, जहां डॉक्टर ने हाथ पर प्लास्टर चढ़ा दिया। करीब एक माह बाद दोबारा जांच कराने पर डॉक्टर राहुल ने उच्च केंद्र पर ऑपरेशन कराने की सलाह दी। इसके बाद सुभाष अपने पुत्र को लेकर मुजफ्फरनगर के अस्पताल पहुंचे, जहां हाथ की सर्जरी कराई गई। इलाज पर करीब दो लाख रुपये खर्च हुए।
पीड़ित ने बीमा कंपनी से क्लेम के लिए आवेदन किया, लेकिन कंपनी ने यह कहते हुए भुगतान से इंकार कर दिया कि ऑपरेशन चोट लगने से पहले की समस्या से संबंधित था। पीड़ित ने डॉक्टर का लिखित प्रमाण भी प्रस्तुत किया, लेकिन इसके बावजूद क्लेम स्वीकृत नहीं किया गया।
मामले की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के चेयरमैन हेमंत कुमार गुप्ता ने स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, पानीपत शाखा प्रबंधक, कंपनी के चेन्नई स्थित अधिकृत अधिकारी तथा आनंद ऑर्थोपेडिक एवं ट्रामा सेंटर, सहारनपुर के डाक्टर राहुल को दोषी माना।
आयोग ने तीनों पक्षों को संयुक्त रूप से वादी को 2,26,010 रुपये अदा करने के आदेश दिए हैं। इनमें बीमा कंपनी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी शामिल है। आयोग ने 45 दिन के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय सीमा में भुगतान न होने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 71 और 72 के तहत कार्रवाई की जाएगी।