शामली। मानवाधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रदेश सरकार की तरफ से गुरु गोविंद सिंह राष्ट्रीय एकता पुरस्कार दिया जाएगा। चयनित पात्रों को एक लाख रुपये नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
प्रदेश शासन में सचिव सत्येंद्र सिंह ने इस संबंध में सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है। कहा गया है कि मानवाधिकार की रक्षा, सामाजिक न्याय एवं राष्ट्रीय एकीकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सरकार की तरफ से गुरु गोविंद सिंह राष्ट्रीय एकता पुरस्कार दिया जाना है। यह पुरस्कार गुरु गोविंद सिंह जी के जन्मदिवस आठ जनवरी पर दिया जाएगा।
मंडल और जनपद स्तर से इस पुरस्कार के माप द को पूरा करने वाले पात्र लोगों के प्रस्ताव उनके द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों तथा तत्थयात्मक विवरण एवं अभिलेखीय साक्ष्यों के साथ निर्धारित प्रारूप में 30 सितंबर तक मांगे गए हैं। जिनका प्रस्ताव भेजा जाएगा, उनके बारे में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की संयुक्त आख्या व्यापक जांच करके तथ्यात्मक विवरण के साथ भेजी जाएगी। साथ ही यह प्रमाण पत्र भी देना होगा कि प्रस्तावित व्यक्ति के खिलाफ कोई आपराधिक मामला प्रचलित नहीं है और किसी भी आपराधिक मामले में न्यायालय द्वारा उन्हें दंडित नहीं किया गया है। जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि गुरु गोविंद सिंह राष्ट्रीय एकता पुरस्कार के संबंध में शासन का पत्र प्राप्त हुआ है। पात्र व्यक्तियों के बारे में सूचना मांगी जा रही हैं।
पुरस्कार प्राप्त करने वालों की अहर्ताएं
- भारत का मूल नागरिक हो। उत्तर प्रदेश राज्य की सीमा के भीतर पुरस्कार पर विचार किए जाने के वर्ष में सामान्यता निवास करता हो।
- मानवाधिकार, सामाजिक न्याय एवं राष्ट्रीय एकीकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान रहा हो
- गुरु गोविंद सिंह राष्ट्रीय एकता पुरस्कार योजना के अधीन पूर्व में राज्य सरकार द्वारा पुरस्कृत न किया गया हो।