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राज्य सरकार 350- 450 रुपये प्रति क्विंटल के बीच गन्ना मूल्य घोषित करे

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शामली। केंद्र सरकार का गन्ने का एफआरपी में 20 रुपये बढ़ोत्तरी के किए जाने के बाद जिले के किसानों की निगाहें प्रदेश सरकार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किए जाने पर टिक गई हैं। किसानों ने महंगाई एवं लागत के आधार पर नए पेराई सत्र में प्रदेश सरकार से 350 रुपये से लेकर 450 रुपये गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किए जाने की मांग की है।
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किसानों की मांग पर न्यूनतम गन्ना मूल्य घोषित करने का अधिकार सुप्रीमकोर्ट ने हरियाणा, यूपी और उत्तराखंड में प्रदेश सरकार को दिया है। प्रदेश सरकार चीनी मिल चालू होने के बाद गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करती रही है। नए गन्ना पेेेेराई सत्र के लिए केंद्र सरकार ने गन्ने का एफआरपी 255 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 275 रुपये किए जाने के बाद वेस्ट यूपी के जिलों के किसानों की न्यूनतम समर्थन मूूल्य घोषित किए जाने को लेकर प्रदेश सरकार पर निगाहें टिक गई है। भाकियू सुप्रीमो चौधरी नरेश टिकैत का कहना है कि भाजपा अपने चुनावी घोषणा पत्र में 450 रुपये क्विंटल गन्ना मूल्य दिलाए जाने की बात कह चुकी है। यूपी समेत ज्यादातर प्रदेशों और केंद्र में भाजपा की सरकार है। महंगाई व किसानों की लागत के अनुसार किसानों को 450 रुपये क्विंटल गन्ने का मूल्य यूपी की सरकार को घोषित करना चाहिए।
सपा के जिला सदस्यता प्रभारी वरिष्ठ नेता डॉ. सुधीर पंवार ने केंद्र सरकार द्वारा घोषित गन्ने का एमएसपी मूल्य को बहुत बताया। कहा कि केंद्र सरकार ने गन्ने की उत्पादन लागत 155 रुपये प्रति क्विंटल मानी है, जबकि उत्तर प्रदेश गन्ना शोध संस्थान व सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के अनुसार 267 रुपये प्रति क्विंटल आ रही है। प्रदेश सरकार को गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य 350 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किए जाने की मांग की है। भाकियू के प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार, भाकियू मंडल अध्यक्ष ओमपाल सिंह मलिक ने महंगाई और लागत को देखते हुए 400 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग की है। भाकियू भानु गुट के राष्ट्रीय महासचिव अनिल मलिक और शामली गन्ना परिषद के पूर्व चेयरमैन राजवीर सिंह ने 350 रुपये प्रति क्विंटल दिए जाने की मांग की हैं।
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भारतीय किसान मजदूूर यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष राजवीर सिंह मुंडेट ने गन्ने का मूल्य चीनी मूल्य के आधार पर घोषित करें। गन्ने का कम-कम से 400 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य दिलाए जाने की मांग की है। कांग्रेस के पूर्व विधायक पंकज मलिक ने कहा कि प्रदेश सरकार चीनी मिल का पेराई सत्र चालू होने से पूर्व किसानों का संपूर्ण बकाया गन्ना भुगतान करे ओर नए पेराई सत्र में समय पर गन्ना भुुगतान की व्यवस्था कराए।
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