दुश्वारियों में बीता ई वे बिल व्यवस्था लागू होने का पहला दिन
शामली। जीएसटी लागू होने के बाद टैक्स चोरी के माल के लाने और ले जाने पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए ई वे बिल व्यवस्था बृहस्पतिवार से लागू तो हो गई, लेकिन सर्वर की धीमी गति के कारण ई वे बिल जनरेट करने में व्यापारियों को पसीने छूट गए।
वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) लागू करने के साथ ही व्यवस्था बनाई गई थी कि 50 हजार रुपये कीमत से ज्यादा का माल के परिवहन पर ई वे बिल डाउनलोड करना अनिवार्य होगा। कई माह से चल रही ऊहापोह के बाद बृहस्पतिवार से ई वे बिल व्यवस्था लागू कर दी गई। इसके लिए व्यापारियों को खुद ही जीएसटी के पोर्टल से ऑनलाइन ई वे बिल डाउनलोड करना था, लेकिन जीएसटी पोर्टल पर देशभर से ई वे बिल डाउनलोड किए जाने के कारण सर्वर धीमा पड़ गया, जिस कारण व्यापारी परेशानी में पड़ गए। दोपहर में ही शामली निवासी चार व्यापारी करनाल रोड स्थित वाणिज्यकर कार्यालय पहुंचे और जीएसटी पोर्टल से ई वे बिल जनरेट न होने की समस्या अधिकारियों को बताई। डिप्टी कमिश्नर सत्यप्रकाश ने बताया कि चारों व्यापारियों में से तीन व्यापारियों का ई वे बिल जनरेट करा दिया गया, जबकि एक व्यापारी का ई वे बिल जनरेट नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि सर्वर धीमा होने की वजह से कुछ परेशानी जरूर हुई, लेकिन धीरे धीरे व्यवस्था ठीक हो जाएगी।