स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 14 अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन अभी भी जिले में करीब एक दर्जन अल्ट्रासाउंड सेंटर नियमों के विपरीत संचालित किए जा रहे हैं। मामला संज्ञान में आने पर स्वास्थ्य विभाग इन पर सख्ती बरतने के मूड में है। सीएमओ ने सभी की पत्रावली तलब की है।
बैठक में 18 नवंबर को जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने नियम विरुद्ध चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई तथा उनके पंजीकरण निरस्त करने पर सहमति बनी थी। इस क्रम में कुछ दिन पूर्व शामली स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में 14 अल्ट्रासाउंड सेंटरों का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया था। डीएम के आदेश के दो माह बाद की गई इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगा था। सीएमओ के संज्ञान में उसके बाद कई और बातें शिकायतें सामने आई है। जिले में करीब एक दर्जन अल्ट्रासाउंड नियम विरुद्ध चलाए जा रहे हैं। इस पर सीएमओ ने संबंधित नोडल और बाबू को सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों की फाइलें तलब की है। साथ ही इन सभी अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों के नाम तथा इन सेंटरों को कौन ऑपरेट कर रहा है और वह क्या रेडियोलॉजिस्ट या सोनोलॉजिस्ट है? इसके बारे में जानकारी तलब की है। सीएमओ डॉक्टर राजकुमार का कहना है कि नियम विरुद्घ एक भी अल्ट्रासाउंड सेंटर नहीं चलने दिया जाएगा। 14 अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई जिला स्वास्थ्य समिति के आदेश अनुसार कर दी गई है, बाकी जो सेंटर नियम विरुद्घ चल रहे हैं। उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।