भाजपा ने अपनाई सोशल इंजीनियरिंग
शामली।
कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा ने सोशल इंजीनियरिंग अपनाई है। हर वर्ग को साधने का प्रयास किया जा रहा है। उसी हिसाब से नेताओं की जिम्मेदारी लगाई गई हैं और नेताओं ने बैठकों का दौर भी शुरू कर दिया है।
भाजपा ने कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव को प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है। क्योंकि 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए यह चुनाव सेमीफाइनल माना जा रहा है। यही वजह है कि भाजपा ने नेताओं की लंबी फेहरिस्त बनाकर शामली जनपद में उतार दी है। स्थिति यह है कि ठाकुर बिरादरी के वोटरों को साधने के लिए गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा, पशुपालन एवं लघु सिंचाई मंत्री एसपी सिंह बघेल तथा सरधना से विधायक ठाकुर संगीत सिंह सोम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन नेताओं ने थानाभवन और सहारनपुर जिले के नानौता क्षेत्र में सक्रिय होकर वोटरों को रिझाने की कोशिश में जुट गए हैं। ठाकुर बिरादरी के लोगों को लामबंद करने के लिए बैठकों का दौर चल रहा है। वहीं, अनुसूचित जाति के वोटरों को भरमाने के लिए राज्यसभा सदस्य कांता कर्दम को चुनाव प्रचार में उतारा गया है। इसके अलावा जाट बिरादरी में सांसद संजीव बालियान, विधायक तेजेंद्र निर्वाल सहित कई नेताओं की जिम्मेदारी तय की गई हैं। इसके अलावा व्यापारियों को एकजुट करने के लिए मुजफ्फरनगर के विधायक कपिल देव अग्रवाल सहित भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के नेताओं को भी लगाया हुआ है। इतना ही नहीं पिछड़ा वर्ग में खासकर कश्यप और पांचाल, विश्वकर्मा, धीमान बिरादरी के वोटरों अपने पक्ष में करने के लिए पिछड़ा वर्ग के नेताओं को लगा दिया है। शामली के अलावा मुजफ्फरनगर, मेरठ, सहारनपुर के नेताओं को इसी कार्य में लगाया गया है कि ताकि हर वर्ग में अपनी पैठ मजबूत की जा सके और चुनाव में उसका फायदा मिल सके।