यूपी सरकार की देखरेख में होगी कुर्क की गई फसल की नीलामी
कैराना (शामली)।
हरियाणा-यूपी सीमा विवाद सुलझाने के लिए दोनों प्रदेशों के अधिकारियों ने बैठक में विचार विमर्श किया। बैठक के दौरान दोनों प्रदेशों के अधिकारियों ने मवी में कुर्क की गई गेहूं की फसल पर अपना अपना दावा जताया। तय किया गया कि कुर्क गेहूं की फसल यूपी सरकार की होने के कारण फसल की कटाई नीलामी के अनुसार ही होगी।
बुधवार को पानीपत के स्काई लार्क होटल में एसडीएम स्तर के दोनों प्रदेशों के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक के दौरान एसडीएम कैराना दुष्यंत कुमार मौर्य ने बताया कि सीमा पर मवी से लगती 55 हेक्टेयर भूमि यूपी के गांव मवी ग्राम समाज की है। इस पर अवैध रूप से गेहूं की फसल बोने पर उक्त फसल को कुर्क किया गया। इस पर हरियाणा प्रशासन ने कहा कि उक्त भूमि यमुना की धारा बदलने के कारण यमुना से बरामद हुई थी। इसे हरियाणा के राजस्व रिकार्ड में गांव रीशपुर की दिखाया गया है। इसके बाद अधिकारियों ने माना कि एक ही जमीन के दो-दो दावेदार होने के कारण सीमा विवाद गहराया है। साथ ही यूपी प्रशासन ने हरियाणा प्रशासन से बंदोबस्ती रिकार्ड व सिजरा दिखाने को कहा। यूपी प्रशासन ने कहा कि वह बंदोबस्ती रिकार्ड व सिजरे के अनुसार आपकी बात मान लेंगे, लेकिन मौके पर हरियाणा प्रशासन बंदोबस्ती रिकार्ड व सिजरा नहीं दिखा पाया। बाद में यूपी प्रशासन ने कहा कि यूपी के मवी ग्राम समाज की भूमि को आपने यमुना से बरामद दिखा कर अपनी बना लिया, जबकि उक्त भूमि यूपी सरकार की है। इसलिए उक्त भूमि का रिकार्ड अपने राजस्व रिकार्ड से डिलिट करे। साथ ही तय किया गया कि कुर्क गेहूं की फसल यूपी सरकार की होने के कारण फसल की कटाई नीलामी के अनुसार ही होगी। इस अवसर पर कैराना एसडीएम दुष्यंत कुमार मौर्य, तहसीलदार राकेश कुमार त्यागी, सर्वे लेखपाल जमना प्रसाद, हलका लेखपाल मुकेश व कोमेंद्र तथा हरियाणा के समालखा एसडीएम गौरव कुमार, बापौली तहसीलदार दीपक कुमार, हरियाणा के डिस्ट्रिक रेवन्यू आफिसर, कानूनगो राकेश कुमार मौजूद रहे।
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दीक्षित अवार्ड के बावजूद हरियाणा प्रशासन ने यूपी के हिस्से की जमीन को भी अपने राजस्व रिकार्ड में हरियाणा की दर्शा रखा है। मवी में नीलाम की गई 2.8 हेक्टेयर फसल को यूपी प्रशासन की देखरेख में कटवाया जाएगा। इस संबंध में आगे भी बैठक आयोजित की जाएगी
-दुष्यंत कुमार मौर्य
एसडीएम कैराना