डीएम अखिलेश कुमार सिंह ने संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान आई 78 शिकायतों में से मात्र पांच का ही निस्तारण किया गया। उधर, डीएम ने राज्य कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाली को लेकर चल र ही हड़ताल पर ना जाने के निर्देेश दिए।
मंगलवार को ऊन तहसील सभागार में डीएम अखिलेश सिंह की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। उन्होंने सभी अधिकारियों से शिकायतों का समय से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। समय अवधि में शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही डीएम ने पुरानी पेंशन बहाली को लेकर हड़ताल पर ना जाने के निर्देश दिए है। बताया कि सरकार ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को नामंजूर कर हड़ताल पर आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) लगा दिया है। जो भी कर्मचारी हड़ताल में शामिल होगा उसके खिलाफ कर्मचारी आचरण सेवा नियमावली के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपने अपने विभाग के कर्मचारियों को सरकार की मंशा से अवगत कराने तथा बोर्ड परीक्षा व चुनाव कार्यक्रम को देखते हुए छुट्टी ना देने के भी निर्देश दिए। संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 78 शिकायतें आई, जिनमें से पांच शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। शिकायतों में सबसे ज्यादा राजस्व विभाग की 37, विकास विभाग बीस शिकायतें आई। इस दौरान वकीलों के प्रतिनिधिमंडल ने तहसील में रजिस्ट्री कार्यालय की स्थापना की मांग की। डीएम ने उपनिबंधक कार्यालय में स्टाफ की नियुक्ति के लिए शासन से वार्ता करने के बाद जल्दी स्थापना कराने का आश्वासन दिया। ऊन बाइपास मार्ग से शुगर मिल तक की सड़क में घटिया सामग्री तथा मिट्टी कार्य न करने की शिकायत गागौर के प्रधान राम मेहर सिंह ने डीएम से की। डीएम ने पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन रविंद्र सिंह को कार्रवाई के निर्देश दिए। संपूर्ण समाधान दिवस में एसपी अजय कुमार पांडे, सीएमओ संजय भटनागर, एसडीएम केपी तोमर, तहसीलदार चंद्रकांता सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
भूमि से कब्जा हटवाने की गुहार
ऊन। पुरमाफी निवासी नरेंद्र सिंह ने डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह दोनों पैरों से दिव्यांग है। बताया कि उसने तीन साल पूर्व पड़ोसियों को अपनी भूमि बटाई पर दी थी। आरोपियों ने 10 बीघा भूमि पर कब्जा कर लिया। उसने और उसकी पत्नी ने जमीन छुड़वानी चाही तो एक नेता और उसके पुत्र ने दोनों को पीटा। उसने डीएम और एसपी से भूमि को कब्जा मुक्त कराने की गुहार लगाई। दोनों अधिकारियों ने पुलिस व राजस्व विभाग को भूमि को कब्जा मुक्त कराने के निर्देश दिए।
डीएम के आश्वासन पर धरना स्थगित
ऊन। तहसील ऊन में बकाया गन्ना भुगतान व अन्य मांगों को लेकर क्षेत्रवासियों का धरना प्रदर्शन चल रहा था। मंगलवार को डीएम के आश्वासन पर धरना स्थगित हो गया है। बता दें कि लोग गन्ना भुगतान 14 दिन में कराने, विद्युत बिलों से फिक्स चार्ज खत्म कर पड़ोसी राज्यों के बराबर विद्युत बिल किए जाने तथा निजी स्कूलों की बढ़ती फीस व मनमाने शुल्क पर रोक लगाने मांग कर रहे थे। डीएम ने जिला स्तर की मांगो को पूरा करने का आश्वासन दिया। शेष मांगों को शासन को भेजने का आश्वासन दिया। इस मौके पर तेजपाल गुर्जर, रणकुमार, पप्पू नायक, राम सिंह, सत्यवीर सिंह, अजय गिरी, गोपाल कश्यप, केवल संधू, रणधीर, राजपाल, सोनू, पहल सिंह, सलेक चंद, धर्मपाल मौजूद रहे।