हाईकोर्ट बेंच के लिए न्यायिक कार्य से विरत रहे वकील
शामली। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच स्थापना संघर्ष समिति के आह्वान पर जिले के अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहे। कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन कर एडीएम कुंवर बहादुर सिंह को अपनी मांगो का ज्ञापन सौंपा।
बुधवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए धरना प्रदर्शन किया। धरने को संबोधित करते हुए शामली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह ने कहा कि अभी हाल में महाराष्ट्र में कोल्हापुर में केंद्र सरकार द्वारा हाईकोर्ट बेंच की मांग स्वीकार की गई। महाराष्ट्र में पहले से ही नागपुर में बेंच स्थापित हैं। महाराष्ट्र की जनसंख्या यूपी की जनसंख्या से काफी कम है। उत्तर प्रदेश की जनसंख्या 22 करोड़ है, जबकि उत्तर प्रदेश में केवल एक बेंच है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की दूरी लगभग 700 किलोमीटर व लखनऊ बेंच की दूरी 600 किमी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच स्थापित किया जाना पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता के लिए अति आवश्यक है। महासचिव नीलकमल ने कहा कि हाईकोर्ट बैंच की मांग काफी पुरानी है। इसी संबंध में एक ज्ञापन अपर जिलाधिकारी कुंवर बहादुर सिंह को सौंपा गया। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष विजेंद्र सिंह, महासचिव नीलकमल, कोषाध्यक्ष राजेश आर्यन, चंद्रवीर मलिक, सतीश चौहान, सतीश मिठालिया,रामपाल सिंह, संजय शर्मा, मुकेश गर्ग, चंद्रभान सिंह, सौराज सिंह, मनोज जांगिड, सतेंद्र धीरयान, विवेक कुमार, अरविंद जावला, मनोज देशवाल, जसपाल राणा, दीपक कौशिक, सुमन आर्यन, जगदेव, अजीत सिंह, प्रदीप पंवार आदि मौजूद रहे।