करोड़ों की लागत के बावजूद हिंड में टीबी अस्पताल पटरी पर नहीं आ रहा है। शुक्रवार को शामली पहुंचे आगरा लैब के डाक्टर ने इस पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने क्षमता के सापेक्ष सीबीनेट मशीन से मात्र तीन-चार जांच होने पर भी नाराजगी जताकर कार्य में सुधार करने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को स्टेट ट्रेनिंग एंड डेमोंसट्रेशन सेंटर आगरा की टीम शामली सरकारी अस्पताल पहुंची। माइक्रो बॉयोलॉजिस्ट अविजीत अवस्थी ने करीब छह माह पूर्व एमडीआर मरीजों की हुई सीबीनेट मशीन से जांच की समीक्षा की। इस दौरान पाया कि रोजाना जांच किए जाने का औसत मात्र तीन-चार प्रतिदिन का आ रहा है। उन्होंने कहा कि यह मशीन कीमती है और इसकी जांच की क्षमता अधिक है। यदि कायदे से काम किया जाए तो इस मशीन बीस से अधिक जांच प्रतिदिन की जा सकती है। ऐसे में उन्होंने कहा कि हर हाल में इससे रोजाना कम से कम 10-12 एमडीआर मरीजों की जांच की जाए। इसके अलावा पूरे जिले में एमडीआर मरीजों की अब तक समीक्षा की। उन्होंने जिले में बढ़ रही मरीजों की संख्या पर भी नाराजगी जताई। साथ ही कहा कि किसी भी सूरत में मरीजों के साथ लापरवाही ना बरती जाए और उनका उपचार पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्राइवेट डाक्टर अपने यहां पर जिन मरीजों का इलाज शुरू कराते है उन मरीजों की भी एमडीआर जांच करानी चाहिए। इस दौरान सीएमओ डाक्टर राजकुमार शर्मा, डाक्टर सुशील कुमार, डाक्टर भानु प्रकाश आदि मौजूद रहे।