शामली। एनजीटी ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में शामिल जनपद शामली में दस साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल से चलने वाले वाहनों का संचालन प्रतिबंधित किया गया है। जिले में वर्तमान में डीजल और पेट्रोल के 6867 वाहन हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मियाद पूरी करने वाले वाहनों के मालिकों पर कार्रवाई न करने संंबंधी आदेश जारी कर राहत दी है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में एनजीटी में शामिल जनपदों में दस साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल के वाहनों को चलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। एनजीटी के आदेश पर मियाद पूरी कर चुके वाहनों के सड़कों पर चलने पर वाहन मालिक पर जुर्माना और वाहन जब्तीकरण की कार्रवाई की जाती है। एआरटीओ कार्यालय के रिकार्ड के अनुसार जिले में वर्तमान में डीजल से चलने वाले 10 साल की अवधि पूरी करने वाले 4632 वाहन हैं, जबकि पेट्रोल के 15 साल की अवधि पार कर चुके 2235 वाहन चिह्नित हैं। इस तरह से जिले में मियाद पूरी करने वाले डीजल और पेट्रोल के 6867 वाहन हैं। इन वाहनों के सड़कों पर चलते हुए पाए जाने पर एआरटीओ कार्यालय द्वारा समय-समय पर कार्रवाई की जाती है।
अब सुप्रीम कोर्ट ने डीजल के 10 साल और पेट्रोल के 15 की मियाद पूरी करने वाले वाहनों के मालिकों को अंतरिम राहत देते हुए दंडात्मक कार्रवाई न करने संबंधी आदेश जारी किए हैं। इस संबंध में एआरटीओ रोहित राजपूत का कहना है कि अभी तक एनजीटी के आदेश पर डीजल के 10 वर्ष और पेट्रोल के 15 वर्ष पुराने वाहनों के संचालन पर रोक लगी हुई है।
एनजीटी के आदेश के अनुपालन में मियाद पूरी कर चुके वाहनों के सड़कों पर संचालन पाए जाने पर जुर्माना व वाहन जब्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के संबंध में उन्हें अभी शासनादेश प्राप्त नहीं हुआ है। शासनादेश के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।
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संजीव शर्मा