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जांच में भी हुए पास, फिर भी लटकी 102 किसानों की सब्सिडी

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रोहित अग्रवाल
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शामली। प्रदेश सरकार ने कृषि यंत्रों की खरीद पर 50 से 80 फीसदी की इतनी बंपर सब्सिडी दी कि 354 किसानों ने आवेदन कर दिए। कई किसानों ने अच्छी सब्सिडी के चक्कर में रिश्तेदारों से उधार रकम लेकर भी यंत्र खरीदे। जांच के दौरान इनके घर यंत्र भी मिले। अफसरों की क्लीन चिट के बाद भी 102 किसानों की सब्सिडी लटक गई। ये किसान रोज कृषि विभाग के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
कृषि विभाग ने इस बार अक्तूबर के महीने में किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर 50 से 80 प्रतिशत सब्सिडी की योजना लांच की थी। किसानों के अनुसार सालों बाद इतनी बंपर सब्सिडी मिली थी। इसी कारण कृषि विभाग में पंजीकृत 324 किसानों ने सब्सिडी के लिए आवेदन किया था। अधिकारियों द्वारा की गई जांच में 16 किसानों के यहां कृषि यंत्र नहीं मिलने की वजह से उन्हें इस योजना से बाहर कर दिया था। शेष बचे 338 किसानों में से 234 किसानों को ही सब्सिडी का लाभ मिला। जबकि 104 किसानों की सब्सिडी अभी भी अटकी हुई है। इनमें 18 किसान ऐसे हैं जिन्होंने इधर उधर से किसी तरह तीन से साढ़े तीन लाख रुपये की व्यवस्था करके कृषि यंत्र खरीदे थे। इन्हें उन्हें 80 फीसदी सब्सिडी की करीब ढाई लाख के आसपास सब्सिडी मिलनी थी, लेकिन नहीं मिलने से से परेशान हैं। बाकी किसान एक यंत्र खरीदने वाले हैं। जिन्हें 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलनी है।
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रिश्तेदारों से किया रुपयों का इंतजाम
हाथी करौदा गांव निवासी किसान अंकित ने बताया कि उसने करीब साढ़े तीन लाख रुपये के रोटावेटर, मल्चर और सीड्रिल खरीदी थी। इतनी रकम उनके पास नहीं थी। सरकार से 80 प्रतिशत सब्सिडी मिल रही थी। इस वजह से कुछ रकम क्रेडिट कार्ड से ली। कुछ का इंतजाम रिश्तेदार से किया। तब जाकर ये यंत्र खरीदे। सोचा था सब्सिडी आने के बाद उधार ली गई रकम लौटा देंगे, लेकिन उनकी सब्सिडी ही नहीं आई। अधिकारी कहते हैं कि कार्रवाई चल रही है।

सब्सिडी के चक्कर में लिया उधार
हाथी करौदा निवासी किसान अमित कुमार ने बताया कि उसने एक लाख सात हजार रुपये का रोटावेटर खरीदा था । इतनी रकम उस पर नहीं थी। मिलने वाले से कुछ रुपये उधार लिए। वादा किया था सब्सिडी आते ही रकम लौटा देगा लेकिन अभी तक उसकी सब्सिडी ही नहीं आई। अधिकारियों का कहना है कि लखनऊ से ही सब्सिडी आएगी। उसे चिंता है कि सब्सिडी नहीं आई तो वो उधार ली गई रकम जल्दी कैसे चुकाएगा।
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कोट
किसानों की जांच हो चुकी है। सबके यहां यंत्र भी मिले थे। इनके आवेदन भी अपलोड हो चुके हैं। सब्सिडी निदेशालय स्तर से भेजी जाती है। वहां पर इनकी प्रक्रिया चल रही है। इस संबंध में निदेशालय में बैठक भी हुई थी। जनवरी में इनकी सब्सिडी आने की संभावना है। - शिवकुमार केसरी उपनिदेशक कृषि
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