वेतन 47 और खर्चा 49 हजार रुपये
शामली। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में लेखाकार पद पर कार्यरत आनंद कुमार का वेतन 47 हजार रुपये प्रति माह है। उन्होंने बताया कि मकान निर्माण के लिए बैंक से ऋण लिया था, जिसकी प्रति माह 10 हजार रुपये किश्त जमा होती है। इसके अलावा रसोई गैस 650, किराना का सामान 2500 रुपये, दूध 700 रुपये, मोटरसाइकिल तेल खर्च 2500 रुपये , बच्चों की शिक्षा पर तीन हजार रुपये, रिश्तेदारों की आवभगत पर 500 रुपये प्रतिमाह खर्च सहित कुल 49 हजार रुपये प्रतिमाह खर्च होते हैं। परिवार में तीन बेटे और एक बेटी हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। आगामी सितंबर माह में वह सेवानिवृत्त होने वाले हैं। पेंशन से घर का खर्च चलाना और मुश्किल हो जाएगा। बजट से उम्मीद थी, सरकारी कर्मचारियों के कल्याण के लिए सरकार कोई योजना लाएगी, मगर ऐसा नहीं हुआ है।
बचत का सवाल ही नहीं उठता
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सिकंदर सिंह और उनकी पत्नी कौशल की जुबानी फोटो समाचार
शामली। शहर के हिंदू कन्या इंटर कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सिकंदर सिंह का वेतन 29,680 रुपये, जिसमें से कटौती होकर 24,506 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। विद्यालय परिसर स्थित आवास में परिवार रहता है। सिकंदर की पत्नी कौशल व परिवार में चार बच्चे हैं, जिनमे तीन बेटी व एक बेटा है। बेटी खुशी आठवीं में पढ़ती है, अंशिका कक्षा चार व यश कक्षा तीन व बेटी आकांक्षा दो वर्षीय है। बच्चों की पढ़ाई पर 3500 रुपये, बीमारी पर 500 रुपये, रसोई खर्च पर 3500 रुपये, सिलिंडर 700 रुपये, दूध एक हजार रुपये, सब्जी पर दो हजार रुपये मिलाकर घर का मासिक बजट 20 हजार रुपये रहता है। अगर हम किराए के मकान में रहते हैं तो बिजली बिल व मकान किराया मिलाकर 3000 रुपये का खर्च और बढ़ जाता है। इस हालत में बचत होने का सवाल ही नहीं उठता। यदि अचानक कोई बड़ा खर्च सामने आ जाए, तो पूरे साल का बजट ही गड़बड़ा जाता है। सिकंदर की पत्नी कौशल का कहना है कि सरकार रसोई के बजट को कंट्रोल कर तो गरीबो के अच्छे दिन आ सकते हैं। सरकार ने आम बजट में रसोई गैस घरेलू सामान के दाम कम नही किए हैं।