श्रीबालाजी धाम में आयोजित सत्संग में कथा व्यास राजराजेश्वर महाराज ने कहा कि अपने बच्चों को संस्कारवान बनाएं। बिना संस्कार के बच्चों का जीवन अधूरा है। संस्कार के अभाव में ही परिवार में विघटन के साथ-साथ गृह क्लेश होते रहते हैं।
शनिवार शाम हुए सत्संग में उन्होंने कहा कि बाल्यकाल से ही बच्चों को अच्छे संस्कार देने से परिवार में सुख शांति रहती है। संस्कार के अभाव में मां बाप, बड़े बुजुर्गों की अपेक्षा होने लगती है। हमें हनुमान जी के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने प्रभु श्री राम की भक्ति के साथ साथ सेवा भी की। जैसे हनुमानजी ने श्री राम की भक्ति व सेवा की उसी प्रकार हमें अपने माता पिता की सेवा करनी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर परिवार में देव स्थान बनाकर पूजा पाठ करनी चाहिए। माता-पिता की सेवा भगवान की सेवा के समान है। अगर मानव ने माता पिता की ही सेवा नहीं की तो उसे भगवान की सेवा का भी कोई फल नहीं मिलेगा। उन्होंने सत्संग अर्थात सच के साथ चलने का विस्तार से वर्णन किया। इस दौरान दीपक अग्रवाल, सचिन अग्रवाल, सन्नी जिंदल, अमन धीमान, सूरज तायल, सुरेन्द्र गर्ग, सचिन कुमार, हरनाम सैनी आदि मौजूद रहे।