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Shamli News: हरिद्वार से 600 क्यूसेक कम पानी मिला, हथिनीकुंड से यमुना नहर में पानी का डिस्चार्ज शून्य

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शामली। बढ़ती गर्मी के मौसम में हरिद्वार से गंगा का पानी पर्याप्त न मिलने से जल संकट बढ़ता जा रहा है। 1100 क्यूसेक पानी के सापेक्ष पूर्वी यमुना नहर को हरिद्वार से 500 क्यूसेक पानी मिल पा रहा है। इसमें 200 क्यूसेक पानी शामली और 250 क्यूसेक पानी बागपत जिले को पहुंच रहा है। बागपत को पानी देने के लिए तीन दिन के लिए शामली जिले के 100 गांवों के आठ रजबहे, 26 माइनरों को बंद कर दिए जाने से तीन हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई प्रभावित हो रही है।
हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी से निकलने वाली 160 किमी लंबाई की पूर्वी यमुना नहर दिल्ली तक किसानों की फसलों की सिंचाई करती है। गर्मी में हथिनीकुंड बैराज से पूर्वी यमुना नहर में पानी की मात्रा घट जाती है। अप्रैल शुरू होते ही पूर्वी यमुना नहर में पानी का डिस्चार्ज शून्य हो जाता है। हरिद्वार से गंगा का पानी रुड़की से देवबंद होकर गंदेवड़ा संगम पर यमुना नदी में 1100 क्यूसेक पानी के लिए अलग से नहर बनाई गई है। हरिद्वार से 1100 क्यूसेक पानी के सापेक्ष यमुना नहर को 500 क्यूसेक पानी मिल रहा है। हरिद्वार से कम पानी मिलने से शामली, बागपत, गाजियाबाद के किसानों के सामने पानी का संकट बन गया है।
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पूर्वी यमुना नहर खंड उपराजस्व अधिकारी अंबुज चौधरी ने बताया कि हरिद्वार से गंगा 1100 क्यूसेक पानी के सापेक्ष 500 क्यूसेक पानी गंदवेड़ा संगम को मिल रहा है। इसमें 250 क्यूसेक पानी बागपत जिला, 200 क्यूसेक पानी शामली जिले को जा रहा है। उन्होंने बताया कि शामली जिले के आठ रजबहे, 26 माइनरों और गूल (नाली) का पानी बंद कर दिया गया है। इसमें 100 गांवों की तीन हजार हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचाई न होने से प्रभावित हो रही है।

- बागपत के विधायकों को शामली के किसानों के पानी की चिंता नहीं
सपा के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर सुधीर पंवार का कहना है कि भनेड़ा, भैंसवाल से रजबहों और माइनर का पानी दो दिन से अधिक बंद रखा गया तो समाजवादी पार्टी आंदोलन करेगी। उनका कहना है कि पूर्वी यमुना नहर में सिल्ट की सफ़ाई न होने के कारण नहर में पूरा पानी नहीं छोड़ा जा रहा है, जिस कारण पानी बड़ौत तक नहीं पहुंचता।
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- गंगा के पानी से चलती पूर्वी यमुना नहर, पानी का सभी जिलों में संकट
पूर्वी यमुना नहर के अधीक्षण अभियंता ओपी वर्मा ने बताया कि जुलाई से लेकर अक्तूबर तक बरसात के दौरान ही पानी मिलता है। आठ माह तक पूर्वी यमुना नहर में गंगा का पानी मिलता है। हरिद्वार से गंगा के पानी से यमुना नहर से किसानों की सिंचाई होती है। गर्मी के दौरान में यमुना नहर में पानी का संकट हमेशा बना रहता है। यह समस्या सहारनपुर, शामली, बागपत, गाजियाबाद जिलों में बनी है।
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