अमर उजाला ब्यूरो
शामली। आर्य समाज के 144वें त्रिदिवसीय स्थापना दिवस के दूसरे दिन वैदिक यज्ञ, भजन-प्रवचन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। रविवार को आर्य समाज मंदिर के प्रांगण में 31 कुंडीय विराट यज्ञ होगा। नजीबाबाद गुरुकुल से आई आचार्या डॉक्टर प्रियंवदा वेदभारती ने कहा कि वैदिक यज्ञ से मोक्ष प्राप्त होता है।
शनिवार को सुबह सात बजे आर्य समाज के स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ वैदिक यज्ञ के साथ हुआ। जिसमें मुख्य यज्ञमान मंत्री देवेंद्र, देव आर्य, उषा आर्य, रामेश्वर दयाल आर्य, विनोद कुमारी, हेमलता-रूकमणी आर्य, पूरण चंद आर्य-शारदा आर्य रहे। बिजनौर से पधारे आर्य भजनोपदेशक योगेश दत्त आर्य ने कहा जीवन को विषय वासनाओं में न लगाकर, जीवन से विकारों को मिटाओ। जीवन में कभी अहंकार नहीं करना चाहिए, अहंकार जब मर्यादा लांघ जाता है तो घमंड हो जाता है। मनुष्य योनी का सदुपयोग करना चाहिए। शरीर और आत्मा के योग का नाम संयोग और शरीर से आत्मा निकलने को वियोग कहते हैं। ईश्वर और मृत्यु को सदैव याद रखना चाहिए। नजीबाबाद गुरुकुल की प्राचार्या डॉक्टर प्रियंवदा वेदभारती ने श्रीरामायण- महाभारत के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि यज्ञ से पूरे ब्रह्मांड की शुद्धि होती है। वैदिक यज्ञ से मोक्ष प्राप्त होता है। स्वयं को परमात्मा को समर्पित करने पर वैराग्य हो जाता है। वेदों का पढ़ना, सुनना तभी सार्थक है जब वेदानुकुल आचरण करें। इस अवसर पर आर्य समाज द्वारा दैनिक यज्ञों में नियमित प्रतिभाग करने वाले श्रद्धालुओं को सम्मानित किया गया।
संचालन मंत्री देवेंद्र देव आर्य ने किया। इस अवसर पर संरक्षक रघुवीर सिंह आर्य, पूरण चंद आर्य, आर्य समाज के प्रधान विनोद आर्य, मंत्री देवेंद्र देव आर्य, कोषाध्यक्ष रविकांत आर्य, आर्य विद्या सभा के प्रधान राजपाल आर्य, मंत्री दिनेश आर्य, कोषाध्यक्ष रामेश्वर दयाल आर्य, वेदप्रकाश आर्य, रमेश विश्वकर्मा, युवक परिषद के प्रधान सूर्यप्रताप आर्य, मंत्री उत्सव आर्य, कोषाध्यक्ष शुभम आर्य, मुकेश चौधरी, कौशल्या आर्य, नीलम आर्य, उषा आर्य, श्वेता आर्य, मृणाली आर्य, प्राची आर्य, अवंतिका, हरपाल सिंह आर्य, सुनील आर्य, मांगेराम आर्य, पवन आर्य आदि उपस्थित रहे।