शामली। आर्य समाज मंदिर के तत्वावधान में चल रहे ऋषि बोध उत्सव के छठे दिन आर्य उपदेशक नरेश दत्त आर्य ने कहा कि ईश्वर ने जीव को मनुष्य बनाकर कर्म प्रधानता दी है। जीवित रहने के लिए तो ईश्वर पशुओं को भी जन्म देता है लेकिन ज्ञान मनुष्य ही प्राप्त कर सकता है।
ऋषि बोध उत्सव के छठे दिन आर्य समाज मंदिर से प्रभात फेरी निकाली गई। इसके बाद एलआईसी कैराना के उप प्रबंधक अशोक आर्य के गगन विहार स्थित आवास पर यज्ञ एवं भजन, प्रवचन का कार्यक्रम हुआ। यज्ञ के मुख्य यज्ञमान अशोक आर्य, पत्नी मिथलेश आर्य, शेखर-सोनू देवी, रमेश विश्वकर्मा-बाला देवी, डाक्टर जेपी आर्य-सुषमा देवी रहे। यज्ञ आर्य समाज के पुरोहित डाक्टर रविदत्त शास्त्री ने यज्ञ संपन्न कराया। यज्ञ के बाद बिजनौर से पधारे भजन उपदेशक नरेश दत्त आर्य ने कहा कि मनुष्य का चोला कर्म के लिए मिला है। केवल भाग्य के भरोसे रहने से फल नहीं मिलता है। परमात्मा केवल कर्मों के आधार पर फल देता है। परमात्मा दयावान, न्यायकर्ता है। परमात्मा ही पूर्व संसार का आधार है। उन्होंने भजनों के माध्यम से सभी को ईश्वर भक्ति के बारे में बताया। संरक्षक रघुवीर सिंह आर्य, आर्य विद्या सभा के प्रधान राजपाल आर्य द्वारा यज्ञमान परिवार को वैदिक साहित्य भेंट किया गया। मंत्री रामेश्वर दत्त आर्य ने बताया कि शनिवार को आर्य समाज मंदिर में यज्ञ, भजन, प्रवचन का कार्यक्रम होगा। इस अवसर पर पूर्व मंत्री दिनेश आर्य, नंद अग्रवाल, भीष्म कुमार, महेश धीमान, सुशील आर्य, सुभाष हटवाल, देवेंद्र आर्य, वेदप्रकाश आर्य, कमला आर्य नीलम आर्य, अर्चना आर्य आदि उपस्थित रहे।