बीमित राशि नहीं देने पर उपभोक्ता पर लगाया 50 हजार रुपये जुर्माना
शामली। जिला उपभोक्ता आयोग ने शहर में संचालित ऑटो एजेंसी और मुंबई की एक इंश्योरेंश कंपनी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। फोरम के खाते में एक माह में अर्थदंड की धनराशि जमा करने करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बीमित धनराशि 19296 रुपये पर 12 प्रतिशत की वार्षिक दर से पीड़ित को क्षतिपूर्ति के लिए 20 हजार रुपये, वाद व्यय पांच हजार रुपये समेत कुल 44, 296 रुपये जमा कराने के आदेश दिए हैं।
शामली तहसील के भिक्का माजरा निवासी मानक चंद ने 13 सितंबर 2018 को जिला उपभोक्ता आयोग में शहर के झिंझाना रोड़ आशा ऑटो एजेंसी, अजीत प्रताप सिंह और मुंबई की टाटा एआईजी इंश्योरेंश कंपनी को आरोपित करते हुए परिवाद दायर किया था। पीड़ित ने अवगत कराया कि 14 जनवरी 2011 को शहर की झिंझाना रोड स्थित आशा ऑटो एजेंसी से हीरो होंडा बाइक 42,879 रुपये में खरीदी थी। बाइक का बीमा मुंबई की टाटा एआईजी इंश्योरेंश कंपनी लिमिटेड से कराया था। बाइक की कीमत 19,296 रुपये निर्धारित करते हुए 945 रुपये प्रीमियम लेकर बीमा कराया था। बीमा 21 जनवरी 2017 से 20 जनवरी 2018 की मध्यरात्रि तक था। 20 फरवरी 2017 को पीड़ित की बाइक चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से चोरी हो गई थी। पीड़ित ने बाइक चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराकर सभी औपचारिकता पूरी करते हुए बीमा कंपनी को बीमा की धनराशि के भुगतान के लिए सभी कागजात भेजे थे। आयोग के चेयरमैन हेमंत कुमार गुप्ता, महिला सदस्य अमरजीत कौर ने सुनवाई करते हुए बीमित धनराशि 19,296 रुपये 12 प्रतिशत की वार्षिक दर से पीड़ित को आर्थिक, शारीरिक व मानसिक क्षति पूर्ति के बीस हजार रुपये, वाद व्यय पांच हजार रुपये मिलाकर कुल 44,296 रुपये एक माह के अंदर भुगतान के निर्देश दिए। आरोपित ऑटो एजेंसी समेत मुंबई की एक इंश्योरेंश कंपनी पर 50 हजार रुपये का अर्थ दंड लगाया।