शामली। गन्ना विकास, चीनी मिल एवं औद्योगिक विकास राज्यमंत्री के गृह जनपद शामली में ही गन्ना मूल्य भुगतान तेजी नहीं पकड़ पा रही है। जिले की तीन चीनी मिलों पर करीब 400 करोड़ रुपये बकाया हो गया है और पेराई बंद होने लगी है। मगर, गन्ना मूल्य भुगतान में बरती जा रही हीलाहवाली के कारण किसान परेशान हैं।
दरअसल, चीनी मिलों में गन्ना पेराई सत्र बंद होने लगे है। शनिवार शाम थानाभवन शुगर मिल ने गन्ना पेराई बंद कर दी, जबकि ऊन शुगर मिल इस माह के अंत तक और शामली की अपर दोआब शुगर मिल में मई माह के बीच तक बंद होने की संभावना है। गन्ना पेराई सत्र 2016-17 में अब तक तीनों चीनी मिलें 240 लाख क्विंटल गन्ना खरीद चुकी हैं। इसी सत्र के गन्ना मूल्य के करीब 710 करोड़ रुपये के सापेक्ष करीब 318 करोड़ रुपये का भुगतान ही किया जा सका है।
करीब 400 करोड़ रुपये भुगतान तीनों मिलों पर बकाया हो गया है। किए गए भुगतान के प्रतिशत में अपर दोआब शुगर मिल 59 प्रतिशत, ऊन शुगर मिल 55 और थानाभवन शुगर मिल ने सिर्फ 38.82 प्रतिशत ही भुगतान किया है।
किसान नेता कुलदीप पंवार, जितेंद्र सिंह हुड्डा, बाबा सूरजमल सहित अन्य लोगों का कहना है कि गन्ना मूल्य भुगतान में शुगर मिल मालिकों की मनमानी पर अंकुश लगना चाहिए। क्योंकि समय पर पैसा न मिलने की वजह से किसानों के सामने कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं।
करीब 900 करोड़ की चीनी का उत्पादन
शामली। किसानों को बकाया गन्ना मूल्य बेशक समय पर नहीं दिया जा रहा, मगर चीनी उत्पादन में शुगर मिलों की बल्ले बल्ले हो रही है। अब करीब 25 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन तीनों शुगर मिलों द्वारा किया जा चुका है। इसकी कीमत करीब 900 करोड़ रुपये होती है। इसमें थानाभवन शुगर मिल ने करीब 11.50 लाख क्विंटल, शामली ने 6.75 लाख क्विंटल और ऊन शुगर मिल ने 4.23 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन अब तक कर लिया है।
गन्ना मूल्य भुगतान और बकाया की स्थिति
शुगर मिल गन्ना खरीद किया भुगतान बकाया भुगतान
शामली 88 लाख क्विंटल 141.42 करोड़ 95.44 करोड
ऊन 44 लाख क्विंटल 59.67 करोड़ 48.05 करोड़
थानाभवन 110 लाख क्विंटल 117.16 करोड़ 211.80 करोड़
तो मिल मालिकों के खिलाफ होगी कार्रवाई
भारतीय जनता पार्टी ने जो संकल्प लिया था, उस पर पूरी गंभीरता से कार्य चल रहा है। गन्ना मूल्य भुगतान के संबंध में चीनी मिल मालिकों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है। उसका असर भी हो रहा है। 19 मार्च के बाद से अब तक अपेक्षा से कहीं ज्यादा भुगतान कराया जा चुका है। यदि गन्ना मूल्य भुगतान में किसी भी शुगर मिल स्तर पर लापरवाही बरती जाती है, तो मिल मालिकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
- सुरेश राणा, गन्ना विकास, चीनी मिल एवं औद्योगिक विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)।
जल्द ही बकाया भुगतान की गति बढ़ाई जाएगी
गन्ना विभाग की आेर से किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान जल्द कराने को लेकर लगातार जिले की तीनों चीनी मिल मालिकों से बातचीत की जा रही है। जल्दी ही गन्ना मूल्य भुगतान की गति बढ़ाई जाएगी। ताकि जिले के सभी किसानों के बैंक खाते में समय से पैसा पहुंच जाए।
- अनिल भारती, जिला गन्ना अधिकारी।