अमर उजाला ब्यूरो
शामली। प्रधानमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान भारत योजना में चयनित लोगों को इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल ही अच्छे लग रहे हैं। गोल्डन कार्ड के जरिये अब तक जिले के 11 लोग योजना के तहत उपचार करा चुके हैं, लेकिन सरकारी अस्पताल में एक भी मरीज नहीं पहुंचा।
आयुष्मान योजना के तहत जिले के 36553 लोग चयनित किए गए हैं। इनमें से काफी लोगों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से गोल्डन कार्ड भी वितरित किए जा चुके हैं। गोल्डन कार्ड से चयनित लोगों को पांच लाख रुपये तक के उपचार की सुविधा मिलती है। खास बात यह है कि योजना में गोल्डन कार्ड पाने वाले लाभार्थियों में से शनिवार तक 11 लोग प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती हुए। यह संख्या प्रदेश में अन्य जनपदों से सबसे ज्यादा है। एक दिन पूर्व ही प्रमुख सचिव ने योजना को लेकर वीडियो कांफ्रेंस की, जिसमें यह बात सामने आई कि योजना में चयनित लोगों द्वारा लाभ प्राप्त करने में शामली जिला अभी तक नंबर एक पर है।
योजना में सरकारी अस्पतालों के अलावा शहर के ग्लोबल शांतिकेयर हॉस्पिटल और गंगा अमृत हॉस्पिटल को पैनल में शामिल किया गया था। 10 मरीज ग्लोबल शांतिकेयर में भर्ती हुए, जबकि गंगा अमृत हॉस्पिटल में एक मरीज आयुष्मान भारत योजना के तहत उपचार के लिए भर्ती हुआ। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर सुशील कुमार ने बताया कि गोल्डन कार्ड के जरिये अभी सरकारी अस्पताल में कोई मरीज भर्ती नहीं हुआ है, लेकिन प्राइवेट अस्पतालों में 11 मरीज योजना का लाभ ले चुके हैं।
महत्वपूर्ण
- केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना के तहत में मरीजों को मिला रहा फायदा
- दो प्राइवेट हॉस्पिटल हैं योजना के पैनल में शामिल
- जिले के 36553 लोग आयुष्मान योजना में हैं चयनित
- 11 लोगों को लाभ दिलाने पर शामली जिला पहले स्थान पर है
निर्धारित शुल्क से ज्यादा वसूला तो होगी कार्रवाई : डीएम
शामली। प्रधानमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर संचालक प्रति कार्ड 30 रुपये शुल्क ही वसूल सकेंगे। जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने शनिवार को कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों के साथ बैठक कर हिदायत दी कि अगर 30 रुपये से ज्यादा वसूली की गई, तो कार्रवाई होगी।
शनिवार को शामली कलक्ट्रेट सभाकक्ष में आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड बनवाने संबंधी प्रक्रिया को लेकर जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों की बैठक हुई। बताया कि जन आरोग्य योजना में पांच लाख रुपये तक चिकित्सा सुविधा पात्र लाभार्थी को मिलना है। जन सेवा केंद्र (कॉमन सर्विस सेंटर) में जाकर अपनी पात्रता जानने के लिए लाभार्थी को कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा, लेकिन लैमिनेटिड गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए 30 रुपये शुल्क ही दिया जाएगा। आरोग्य मित्र के माध्यम से पैनल में शामिल किसी भी सरकारी अथवा निजी अस्पताल में लाभार्थी उपचार करा सकता है। इस दौरान अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर सुशील कुमार सहित विभिन्न कॉमन सर्विस सेंटर संचालक उपस्थित रहे।