कैराना। एक सामाजिक संस्था द्वारा सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। इसमें गरीब परिवार के 15 नए युगलों के निकाह पढ़ाए गए।
बुधवार को कैराना कस्बे की सामाजिक संस्था आजाद ग्रामीण शिक्षा सोशल वेलफेयर सोसायटी ने मदरसा इस्लाहुल मुस्लिमीन में सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि चेन्नई से आए मौलाना मंसूर असलम ने कहा कि इस्लाम धर्म में जरूरत से बढ़कर दिए जाने वाले दहेज से साफ तौर पर मना फरमाया है। आज समाज में दहेज कुप्रथा बढ़ रही है। याद रहें कि जो लोग शादी-ब्याहों में अत्याधिक खर्च करते हैं, तो कयामत के दिन अल्लाह ताला के दरबार में उनकी सख्त पकड़ होगी और वे खुद जवाब देही होंगे। पश्चिमी बंगाल से आए मौलाना नावेद आलम ने कहा कि खुशनसीब होते हैं कि गरीब बेटियों की शादी कराना बड़े ही पुण्य का कार्य होता है। सोसायटी के संरक्षक एवं नगर पालिका परिषद कैराना के चेयरमैन हाजी अनवर हसन ने कहा कि संस्था का उद्देश्य गरीब-असहाय परिवार की बेटियों की शरीयत के मुताबिक शादी कराना है। शभले ही वह किसी भी धर्म व जाति का हो।
चौधरी कंवर हसन ने कहा कि क्षेत्र में किसी भी गरीब-असहाय को कोई समस्या हैं, तो वह उन्हें अवगत कराएं, जिनके समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में 15 नए जोड़ों के निकाह मौलाना मंसूर असलम द्वारा पढ़ाए गए। इसके बाद चेयरमैन हाजी अनवर हसन ने नए जोड़ों को अपना आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम का समापन कारी यूनुस की दुआओं के साथ हुआ। सोसाइटी के मैनेजर मोहम्मद कय्यूम बागबां, ताहिर हसन, रहीमुद्दीन, युवा नेता चौधरी अनम हसन, तौसीफ सिद्दीकी, दानिश चौधरी, मुंशी अनवर, सईद अहमद आदि मौजूद रहे।