सावधानी हटी और दुर्घटना घटी
शामली। एक बाइक पर तीन सवारी। इसके बावजूद भी किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना। यह स्थिति किसी एक सड़क पर नहीं, बल्कि अधिकांश सड़कों पर देखने को मिलती है। ट्रिपल राइडिंग और बगैर हेलमेट दुपहिया वाहन चलाना बेहद खतरनाक है, क्योंकि जिले में दुपहिया वाहनों के हादसों में असमय जब लोगों की मौत होती हैं, तो यही कारण मुख्य रहता है।
खास बात यह है कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह चल रहा है। लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। गोष्ठी हो रही हैं और रैली भी निकाली जा रही हैं, लेकिन यातायात नियमों का पालन करना किसी को रास नहीं आ रहा। इसमें जहां पुलिस, एआरटीओ और प्रशासन की लापरवाही भी जिम्मेदार है, तो लोगों की खुद भी जिम्मेदारी बनती है कि वह खुद भी सुरक्षित सफर करें और दूसरों की सुरक्षा का भी ख्याल करें। ताज्जुब तो यह है कि शहर के विजय चौक, अजंता चौक, एसटी तिराहा तथा अन्य चौराहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, लेकिन ट्रिपल राइडिंग, बगैर हेलमेट वाहन चलाने वालों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। इस कारण सड़कों पर सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जाती हैं।
----- ट्रिपल राइडिंग और हेलमेट न लगाने का नुकसान
- ट्रिपल राइडिंग के चलते दुपहिया वाहन पर वजन अधिक हो जाता है, जिस कारण बैलेंस बिगड़ने का खतरा बना जाता है और हादसा होता है।
- ट्रिपल राइडिंग और हेलमेट ना लगाने पर पुलिस द्वारा चालान किया जाता है, जिस कारण दुपहिया वाहन चालक को आर्थिक नुकसान भी होता है।
- मानव का सिर उसके शरीर का मुख्य और नाजुक हिस्सा होता है। सिर की मामूली चोट भी इंसान की मृत्यु का कारण बन जाती है। यदि हेलमेट लगा हो तो सिर की चोट से बचा जा सकता है।
- दुपहिया वाहन की सीटिंग क्षमता दो सवारियों की होती है। साथ ही उसकी संरचना भी एक सीमित भार सहने तक ही होती है।
जिले में हुए हादसे
-- 24 सितंबर 2017 को रेलवे रोड निवासी बाइक सवार व्यापारी अनिल गर्ग अपने पुत्र जिज्ञासु के साथ जा रहा था। काबड़ौत पुल पर दोनों की हादसे में मौत हो गई थी। इस मामले में बेशक अनिल गर्ग ने हेलमेट नहीं पहना था पर वह अपनी साइड में खड़े थे, उसके बावजूद ट्रक ने उनको बुरी तरह कुचल दिया था।
-- 30 अगस्त 2018 को गांव लिसाढ़ निवासी धर्मेंद्र अपने भाई सन्नी के साथ शामली आ रहा था। मेरठ रोड पर जब वह काबड़ौत पुल के पास पहुंचे, तो कैंटर ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी थी। हादसे में हेलमेट नहीं होने के कारण सन्नी की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि धर्मेंद्र घायल हो गया था।
-- 14 अक्तूबर 2018 को शामली के मोहल्ला सरवरपीर निवासी सफीक अपनी पत्नी व बेटी हुस्ना के साथ डॉक्टर से दवाई लेने के लिए झिंझाना बाइक पर जा रहे थे। मेरठ-करनाल हाइवे स्थित बालाजी मंदिर के पास जब उनकी बाइक पहुंची, तो शामली की तरफ से आ रहे तेज रफ़्तार के ट्रैक्टर-ट्राले ने तीनों को कुचल दिया था मौके पर मौत हो गई।
-- 23 अप्रैल 2018 की रात ट्रिपल राइडिंग कर रहे कैराना निवासी कासिम, इंतजार तथा एक युवक कैराना में भूरा रोड़ पर मंडी के पास टक्कर कार दी थी। युवकों ने हेलमेट भी नहीं पहना था, जिस कारण इंतजार के सिर में चोट लगने से उसकी मौत हो गई। इस मामले में कार चालक द्वारा तेज गति और लापरवाही से कार चलाना हादसे का कारण रहा है।
-- 24 अप्रैल 2018 की सुबह गांव अलीपुर निवासी रविंद्र अपनी पत्नी के साथ शामली आ रहा था। कैराना रोड पर लापरवाही से ट्रक चलाने वाले चालक ने दोनों को कुचल दिया। हादसे में रविंद्र की मौत हो गई। इस मामले में ट्रक चालक ने गलत साइड में आकर बाइक सवारों को टक्कर मार दी थी।
-- वर्जन --
यातायात नियमों का पालन कराने के लिए फिलहाल जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके बाद भी सख्ती से नियमों का पालन कराया जाएगा। वाहन चालकों को भी नियमों को पालन करना चाहिए।-- अशोक कुमार सिंह, सीओ यातायात