शामली में मीटिंग करते किसान संगठनों से जुड़े लोग।
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शामली में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर आंदोलन का एलान हो गया है। मनमानी कर रही चीनी मिलों द्वारा भुगतान नहीं किया जा रहा। ऊन में शुगर मिल पर धरना दे रहे किसानों के खिलाफ मिल प्रबंधन ने कोर्ट में वाद दायर कर दिया, जिससे किसानों में आक्रोश भड़क गया है। किसान संगठनों ने एलान किया है कि 25 अक्तूबर तक ब्याज सहित समस्त बकाया गन्ना मूल्य भुगतान हो जाना चाहिए, अन्यथा सभी जिला स्तरीय कार्यालयों पर तालाबंदी कर दी जाएगी।
बृहस्पतिवार को नगरपालिका परिषद शामली में भाकियू, भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन के किसान नेताओं की मीटिंग हुई। उसमें वक्ताओं ने कहा कि बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए ऊन शुगर मिल पर 25 दिन से किसान धरना दे रहे हैं। प्रशासन और गन्ना विभाग खामोश बैठा है, जबकि मिल प्रबंधन ने 13 किसानों के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर कर दिया, जो मिल प्रबंधन की तानाशाही को बयां करता है।
वहीं, ऊन के अलावा शामली और थानाभवन शुगर मिल पर भी करीब 135 करोड़ रुपये (230 रुपये प्रति कुंतल) बकाया है। मीटिंग में तय किया गया कि 25 अक्तूबर तक ब्याज सहित समस्त गन्ना बकाया मूल्य भुगतान किसानों के खाते में पहुंच जाना चाहिए। यदि भुगतान नहीं हुआ, तो जिला स्तरीय सभी कार्यालयों पर तालाबंदी कर दी जाएगी। साथ ही 2016-17 की पेराई भी चालू नहीं होने देंगे और नवंबर माह में गन्ने की होली जलाई जाएगी। राजवीर सिंह मुंडेट, विनोद निर्वाल, राजपाल सिंह, अनिल मलिक, रणधीर सिंह, ईश्वर सिंह फौजी, जितेंद्र निर्वाल, बलराज सिंह, सुरेंद्र आर्य, मनजीत सिंह, सुभाष सिंह आदि मौजूद रहे।