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Shamli News: 230 पंचायतें...बजट का अंबार, खर्च करने में कर रहीं कंजूसी

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संवाद न्यूज एजेंसी
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शामली। पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है। हालांकि, अभी चुनाव होने में करीब एक साल का समय है। चुनाव से पूर्व पंचायतों में बजट जमा कराना शुरू कर दिया है। इस बार जिले की 230 ग्राम पंचायतें अभी तक 27.480 में से सिर्फ 10.204 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाई है। हालांकि, विभागीय अधिकारियों ने बजट खर्च करने के लिए प्रधानों, सचिवों को कहा है। यह हालात तब है जब गांवों में जलभराव से लेकर अन्य समस्याएं हैं मगर समाधान नहीं कराया जा रहा।



जिले में 230 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें ग्राम प्रधानों, सचिवों के प्रस्तावों पर विकास कार्य कराए जाते हैं। ई-स्वराज पोर्टल के अनुसार, जिले की ग्राम पंचायतों के खातों में 27.480 करोड़ रुपये हैं, जिनमें से इस बार 10.204 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं जबकि 17.276 रुपये खर्च नहीं किए जा सके। हालांकि, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अभी टेंडर छोड़ने की प्रक्रियाएं चल रहीं हैं। पूरा बजट खर्च कर लिया जाएगा।
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2025-26 की बात करें तो ऊन ब्लॉक में सबसे अधिक 4.693 करोड़, शामली में 5.089 करोड़, कैराना में 3.591 करोड़ और कांधला में 2.79, थानाभवन में 2.288 करोड़ रुपये से अधिक ग्राम पंचायतों के खाते में अभी भी जमा है।
अधिकतर ग्राम पंचायतों में प्रधान व सचिवों द्वारा बजट खर्च करने की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अब पंचायत चुनाव की सरगर्मियां भी तेज हो गईं हैं और ऐसे में बजट को खाते में रोकना शुरू कर दिया है, ताकि चुनाव नजदीक आने पर एक साथ बजट को खर्च किया जा सके।

डीपीआरओ ने बजट खर्च नहीं करने पर कई को चेतावनी भी दी थी, इसके बावजूद कुछ ग्राम प्रधान, सचिव ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्राम पंचायतें विकास को तरस रहीं हैं। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।



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विभिन्न गांवों पंचायतों में कई कार्य जल्द होने हैं, जिनके टेंडर भी छोड़े जा चुके हैं। ग्राम प्रधानों को भी बजट खर्च करने को कहा गया है, ताकि ग्रामीणों को किसी भी तरह की समस्याएं नहीं होने दी जाए। - संदीप अग्रवाल, डीपीआरओ, शामली
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इस तरह परेशानी झेल रहे ग्रामीण

रामड़ा गांव में खड़ंजे, सड़कों का निर्माण नहीं कराया जा रहा, जिसके कारण जलभराव रहता है। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नालों की सफाई भी नहीं कराई जा रही। बार-बार मांग के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं कराया जा रहा। - आसमोहम्मद, ग्रामीण
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