बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न होने पर जताया रोष
शामली। सहकारी गन्ना विकास समिति के संचालकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न होने पर नाराजगी जताई। आरोप है कि अपर दोआब शामली शुगर मिल द्वारा चीनी बिक्री से प्राप्त धनराशि का डायवर्जन किया जा रहा है। इसके अलावा खेतों में खड़ी गन्ने की फसल के सर्वे के नाम पर गुमराह करने का आरोप लगाया है। बुधवार को सहकारी गन्ना विकास समिति के संचालक ब्रिजेश कुमार, सतेंद्र तरार, वीरेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र निर्वाल, चरण सिंह, राम मेहर सिंह, विनोद कुमार, रविंद्र मलिक और मनोज पंवार आदि ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा। उसमें आरोप लगाया कि अपर दोआब शुगर मिल शामली द्वारा किसानों को बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं हो रहा है, बल्कि चीनी बिक्री से प्राप्त धनराशि का डायवर्जन किया जा रहा है। इसके अलावा खेतों में खड़ी फसल का सर्वे कराने के नाम पर जिला गन्ना अधिकारी द्वारा गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सर्वे के नाम पर कागजों में खानापूर्ति की जा रही है। उनकी मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिला गन्ना अधिकारी और शुगर मिल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई कराई जाए।
मिल प्रबंधन को भेज दिया है नोटिस- भारती
जिला गन्ना अधिकारी डॉक्टर अनिल कुमार भारती ने बताया कि अपर दोआब शुगर मिल शामली की चीनी बिक्री और भुगतान की समीक्षा की गई, जिसमें छह करोड़ 31 लाख रुपये का डायवर्जन मिला है। मंगलवार को ही शुगर मिल प्रबंधन को नोटिस दे दिया गया है। डायवर्जन धनराशि का भुगतान 24 घंटे में करना होगा और बकाया मूल्य भुगतान में तेजी नहीं लाने पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है। वहीं, खेतों में खड़ी फसल का सर्वे एकदम ठीक है, जो टीमें लगाकर कराया गया है।