ईंट भट्ठे बंद होने के कारण मजदूरों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। इसी के चलते ईंट भट्ठा कर्मचारी यूनियन ने 17 जनवरी को कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन करने का फैसला किया है।
शुक्रवार को ईंट भट्टा कर्मचारी यूनियन के जिलाध्यक्ष कुलदीप और संयोजक बाबूराम के नेतृत्व में ईंट भट्ठा कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने ईंट भट्ठे बंद करा दिए हैं, जिसका सीधा असर ईंट भट्ठा मालिकों पर न पड़कर मजदूरों पर पड़ रहा है। जिले में करीब 170 ईंट भट्ठे हैं। एक भट्ठे पर करीब 500 लोग मजदूरी करते हैं। इस वजह से जिले के करीब एक लाख मजदूरों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मजदूरों के परिवार के बच्चों की पढ़ाई, चिकित्सा और शादी के अलावा आधारभूत आवश्यकताएं पूरी भी नहीं हो पा रही हैं। इस स्थिति में मजदूरों को भूखे मरने की नौबत तक आ सकती है। उनकी मांग है कि ईंट भट्ठों को पुन: चालू कराया जाए। इस दौरान यूनियन के सचिव सुभाष के अलावा जयपाल सिंह, उदयवीर सिंह आल्दी, उदयवीर सोरम, देवीदास जयंत, अनिल भाजू आदि मौजूद रहे।
-