गांव गागौर में पेयजल संकट गहरा गया है। गांव में जल निगम द्वारा लगाए गए हैंडपंपों से दूषित पानी निकल रहा है। कई हैंडपंप खराब पड़े हैं। जिसके कारण ग्रामीणों को पेयजल भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से हैंडपंपों की मरम्मत कराए जाने की मांग की है।
गांव के मिंटू ने बताया कि उसके घर के सामने लगे हैंडपंप का पानी अगर ज्यादा समय तक रखा जाता है तो उसका रंग पीला पड़ जाता है। इस पानी के कारण बर्तन भी खराब होने लगे हैं। दूषित पानी के प्रयोग से लोगों में भयंकर बीमारियां फैलने का खतरा सता रहा है। अधिकारियों से इस संबंध में शिकायतें भी की गई, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। गिरते भूजल स्तर के कारण हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। महक सिंह का कहना है कि उसके घर के सामने लगा सरकारी नल काफी समय से खराब पड़ी है। इस कारण उसके आस पास रहने वाले लोगों को दूसरी जगह से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। संजय का कहना है कि पानी के खराब होने का सबसे मुख्य कारण चीनी मिल है। मिल का केमिकलयुक्त पानी गांव से कुछ ही दूरी पर एक जगह एकत्र होता रहता है। जिसके कारण भी गांव के अंदर लगे हैंडपंपों का पानी दूषित हो रहा है। गांव के अंदर करीब 70 से भी ज्यादा सरकारी नल लगे हैं, लेकिन इनमें से आधे से ज्यादा खराब हैं।
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जो हैंडपंप दूषित पानी दे रहे हैं, उन्हें चिह्नित कराया जाएगा। साथ ही जो हैंडपंप खराब पडे़ हैं, उन्हें रिबोर करा दुरुस्त कराया जाएगा- विपिन राठी, बीडीओ ऊन।