मान्यता प्राप्त करने के लिए नियमों में बदलाव के बाद नवीन मान्यता लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना जरूरी हो गया है। जिले के 12 कॉलेजों को नवीन मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन करना था, लेकिन सिर्फ तीन कॉलेजों से ही आवेदन हुआ। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि भी 30 सितंबर है, जिसके चलते नौ कॉलेजों की मान्यता अधर में लटक सकती है।
मान्यता लेने में हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने स्पष्ट निर्देश दिया कि नवीन मान्यता लेने के लिए सिर्फ ऑनलाइन आवेदन पत्र ही स्वीकार किए जाएंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक एसएम सिद्दीकी ने बताया कि अब कोई भी स्कूल, कॉलेज एक ही बिल्डि़ंग में दो मान्यता नहीं ले सकेगा। नवीन मान्यता लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की जानकारी दे दी गई है। जिसमें सभी को बोर्ड की वेबसाइट पर ही ऑनलाइन प्रक्रिया में सभी प्रमाण पत्रों को स्कैन कर भेजने के बाद हार्ड कॉपी कार्यालय में जमा करानी थी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जनपद में हाईस्कूल और इंटर की मान्यता के लिए 12 कॉलेजों ने आवेदन किया था। आवेदन ऑनलाइन न भरने के कारण बोर्ड ने सभी फाइल वापस भेज दीं थी। इसके बाद भी 12 कॉलेजों में से अभी तक सिर्फ तीन कॉलेेजों ने ही ऑनलाइन आवेदन किया है। उन्होंने बताया कि निर्धारित तिथि 30 सितंबर के बाद ऑनलाइन आवेदन स्वीकार नहीं होंगे।
मान्यता के लिए बायोमैट्रिक और सीसीटीवी जरूरी
स्कूलों में बढ़ती घटनाओं को देखते हुए यूपी बोर्ड भी गंभीर हो गया है। सुरक्षा के लिहाज से स्कूलों में सीसीटीवी और बायोमैट्रिक मशीन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। शासनादेश जारी कर कहा गया है कि मान्यता तभी दी जाएगी, जब स्कूलों में सीसीटीवी और बायोमैट्रिक मशीनें लगी होंगी। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि सभी शासकीय, अशासकीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त स्कूल कॉलेजों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को पत्र भेजकर सीसीटीवी और बायोमैट्रिक मशीन लगवाने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही चेकिंग के लिए टीम का गठन किया जाएगा, जो स्कूल-कॉलेजों में जाकर सीसीटीवी और बायोमैट्रिक मशीन की जांच करेगी।