थानाभवन (शामली)। गरीबों और असहायों की सहायता करने का उद्देश्य मन में होना चाहिए, फिर चाहे प्रयास छोटा ही क्यों न हो, लेकिन सराहनीय होता है। ऐसी ही हैं कस्बा थानाभवन की रहने वाली सरिता गर्ग, जो बाजार से पुराने कपड़े खरीदकर लाती हैं और उन्हें अपने हुनर से साफ-सुथरा तथा पहनने लायक बनाकर गरीबों, अनाथ बच्चों व बेसहारा बुजुर्गों को बांटती हैं।
सरिता कस्बे के एक माध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पति कुलदीप गर्ग इलेक्ट्रिक सामान की दुकान करते हैं। इसके अलावा उनकी दो बेटी व एक बेटा है, जो पढ़ाई करते हैं। सरिता बताती हैं कि दस साल पूर्व उन्होंने समाज सेवा करने का फैसला लिया। इसके बाद वह सामाजिक संस्था प्रयास से जुड़ी। तब मन में विचार आया कि असहाय लोगों की सेवा किस रूप में की जाए। इसके बाद ही उन्होंने पुराने कपड़े खरीदने और उनके ठीक करके पहनने लायक बनाकर गरीबों में बांटना शुरू किया। 15 दिन में वह दिल्ली जाती हैं और वहां से पुराने कपड़े खरीदकर लाती हैं। कपड़ों को अनाथ, कुष्ठ व वृद्धाश्रम जाकर लोगों को बांटती हैं। इस कार्य के लिए घरेलू खर्च से बचाए पैसों का इस्तेमाल करती हैं। उम्मीद जताई कि है यह प्रयास अन्य लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।