सत्ता में आते ही भूल जाते हैं वादे
शामली।
भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की मांग हो या अटेवा की पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा सहित अन्य समस्याओं का समाधान कराने का वादा किया था। हालांकि सत्ता में आते ही जनप्रतिनिधि समस्याओं के समाधान करने को भूल जाते हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की खंडपीठ के मुद्दे पर समिति के चेयरमैन राजेंद्र जानी व संयोजक देवकी नंदन शर्मा का कहना है कि विपक्ष में सांसद रहते हुए अटलबिहारी वाजपेयी ने समर्थन किया। प्रधानमंत्री बनने के बाद जब अटलबिहारी वाजपेयी से मिले, लेकिन निराशा हाथ लगी। अधिवक्ताओं ने पैदल मार्च के दौरान मोदी से यही पुकार हाईकोर्ट बेंच अबकी बार, सस्ता सुलभ न्याय हेतु पश्चिमी उत्तर प्रदेेश में हाईकोर्ट बेंच का यह नारा लगाया। उत्तर प्रदेश अटेवा पेंशन बचाओ मंच के नवनीत कुमार ने बताया कि पेंशन विहीन शिक्षक कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली के लिए गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ ने 21 मई 2013 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन को पत्र लिखा था। नौ जुलाई 2016 को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहते केशव प्रसाद मौर्य तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखकर पुरानी पेंशन बहाली का अनुरोध किया था। इस समय योगी आदित्यनाथ मौजूदा मुख्यमंत्री है, केशव प्रसाद मौर्य उपमुख्यमंत्री हैं। उनकी मांगो के समाधान का कोई रास्ता नहीं निकाल रहे है। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के बृहस्पतिवार को शामली आगमन पर उत्तर प्रदेश अटेवा पेंशन बचाओ मंच ने पुरानी पेंशन बहाली का ज्ञापन देकर समाधान की मांग की है। मंच ने योगी आदित्य नाथ व केशव प्रसाद मौर्य का पुराने पत्र मांग पत्र के साथ ज्ञापन दिए। ज्ञापन देने वालों में मंच के जिला संयोजक शामली के नवनीत कुमार, जिला महिला प्रभारी शुभि गोयल, अमृता चौधरी, अमित कुमार, सैंकी, रविकुमार कन्हैया लाल, विकास शर्मा, अनिल कुमार मनोज, विकास वर्मा, गंगाराम मौर्य, लवलेश, दुर्गेश आदि मौजूद रहे।