पुलिस ने अधिवक्ताओं को काबड़ौत पुल पर रोका
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। हाईकोर्ट बेंच की मांग पूरी न होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेरठ रैली में विरोध प्रदर्शन करने जा रहे 15 अधिवक्ताओं को पुलिस ने काबड़ौत पुल पर रोक लिया। रैली संपन्न होने के बाद अधिवक्ताओं को कोतवाली से छोड़ा गया।
बृहस्पतिवार को मेरठ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली का आयोजन हुआ। जिला बार एसोसिएशन शामली के अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह के नेतृत्व में 15 अधिवक्ता पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच की मांग पूरी न होने पर दो कारों से प्रधानमंत्री मोदी की रैली में विरोध प्रदर्शन करने के लिए मेरठ रवाना हुए। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई। आनन फानन में पुलिस ने काबड़ौत पुल पर वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान कार सवार अधिवक्ताओं को पुलिस ने रोक लिया और उन्हें कोतवाली ले गई। दोपहर में मोदी की रैली संपन्न होने के बाद सभी अधिवक्ताओं को कोतवाली से छोड़ा गया। इस पर रोष जताते हुए अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह ने कहा कि पश्चिम में हाईकोर्ट बेंच की मांग पर केंद्र सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया है। पांच साल में प्रधानमंत्री ने इस मांग के संबंध में अधिवक्ताओं को एक बार भी मिलने का समय नहीं दिया। इस दौरान महासचिव नीलकमल, पूर्व अध्यक्ष प्रदीप पंवार, मनीकांत शर्मा, जगत प्रसाद कौशिक, मनोज जांगिड़, राहुल मलिक, रामभूल सिंह, विपिन सैनी आदि मौजूद रहे। उधर, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुभाष सिंह राठौर ने बताया कि प्रधानमंत्री की मेरठ रैली में विरोध प्रदर्शन करने 15 अधिवक्ताओं को रोक लिया गया था। प्रधानमंत्री मोदी की रैली संपन्न होने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।