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दस माह, पांच घटनाएं और दम तोड़ गई 20 जिंदगी

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शामली। मेरठ-करनाल हाइवे पर हादसे होना आम बात हो गई। दस माह के भीतर इस हाइवे पर शामली क्षेत्र में पांच भयानक हादसे हो गए, जिनमें से 20 जिंदगी दम तोड़ गई।
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पहली घटना
नौ जुलाई 2017 को काठा के पास कार सवार अंबाला निवासी ऋषभ अग्रवाल और उनकी पत्नी अंजू, सीमा के अलावा उनका भतीजा शुभम गाड़ी से नंगला साहिब गुरु पूजन के लिए जा रहे थे। भयानक हादसे में सभी की मौत हो गई थी। सभी अबाला से मेरठ के नंगली तीर्थ में दर्शन करने जा रहे थे।

दूसरी घटना
22 जुलाई में मेरठ-करनाल हाइवे पर बिड़ौली बस स्टैंड के निकट ट्रैक्टर को बचाने के चक्कर में पीलीभीत से श्रद्धालुओं से भरी बस पलट गई थी। हादसे में ट्रैक्टर सवार प्रवीन ओर विशेष की बस के नीचे दबने से मौत हो गई थी। जबकि कई महिला पुरुष, बच्चे घायल हुए थे।
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तीसरी घटना
24 सितंबर 2017 में काबड़ौत पुल के पास बाइक सवार अनिल और हिमांशु को ट्रक ने टक्कर मार दी थी। हादसे में दोनों की मौके पर मौत हो गई थी।

चौथी घटना
27 दिसंबर 2017 को मेरठ-करनाल हाइवे पर बिड़ौली के निकट ट्रैक्टर सवार तीन लोगों को ट्रक ने कुचल दिया था। इसमें चौसाना के गांव जिजौला निवासी इसरत, अफसर, मुसव्वर की मौत हो गई थी। जबकि गुलबहार उर्फ गुल्लू घायल हो गया था। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

पांचवीं घटना
10 अप्रैल 2018 लक्ष्मपुरा गांव के सामने ट्रक और स्कार्पियो की टक्कर में स्कार्पियो सवार एक बच्चे सहित नो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

ये है मेरठ-करनाल हाइवे के ब्लैक स्पॉट
मेरठ करनाल हाइवे पर कई स्थान ऐसे है कि जो ब्लैक स्पॉट बन चुके हैं। हाइवे पर होने वाले हादसे ज्यादातर इन्हीं पर होते हैं। काबड़ौत पुल, बिड़ौली तिराहा, काठा नदी का पल और खोपसी नदी का पल इनमें प्रमुख है। इन स्थानों पर अक्सर हादसे होते है। कमाल की बात है कि अभी तक प्रशासन द्वारा हादसे कम करने के लिए अभी तक कोई खास प्रयास नहीं किया गया।
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