शामली। जिले के प्रभारी मंत्री अजित सिंह पाल की अध्यक्षता में हुई जिला योजना समिति की बैठक में 162 करोड़ 62 लाख रुपये की जिला योजना पारित की गई। उन्होंने कहा कि जिले के बिजली के अफसर अपना रवैया सुधारते हुए कार्य करें। विद्युत निगम के अफसरों को हिदायत देते हुए मीटर रीडरों पर कड़ी नजर रखी जाए। अनावश्यक परेशान करने अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कलक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला योजना समिति की बैठक में जिले के प्रभारी अजित सिंह पाल ने विभागवार अधिकारियों से समीक्षा की। कहा कि केंद्र और यूपी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को गरीब लोगों को ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाए जाए। आयुष्मान भारत योजना में पात्र लोगों को ज्यादा से ज्यादा कार्ड उपलब्ध कराए जाएं। किसान सम्मान निधि में पात्र किसानों को अधिक से अधिक लाभ दिया जाए। प्रभारी मंत्री ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को हिदायत दी कि वह अपना रवैया बदलें। लोक निर्माण विभाग के अफसरों को जिले की खराब सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराया जाने के निर्देश दिए। बैठक में प्रदेश के इलेक्ट्रोनिक्स- सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के राज्य मंत्री अजित सिंह पाल की अध्यक्षता में 162 करोड़ 62 लाख रुपये की जिला योजना अनुमोदन के लिए रखी गई। जो सर्वसम्मति से पारित की गई। जिसमें समाज कल्याण विभाग को वृद्धा पेंशन, किसान पेंशन, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के लिए 1271.60 लाख रुपये, दिव्यांगजन सशक्तिकरण को 43 लाख रुपये, महिला कल्याण को 206.58 लाख रुपये, प्रभारी मंत्री ने सभी मदों की धनराशि का अनुमोदन किया गया। सड़क एवं पुल ग्रामीण मार्गों का पुननिर्माण तथा नवीन ग्रामीण सड़क का निर्माण के लिए 4233.72 लाख रुपये अनुमोदन किया गया।बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष देवी, विधायक सदर तेजेंद्र निर्वाल, एमएलसी वीरेंद्र सिंह, भाजपा नेेता प्रसन्न चौधरी, डीएम अखिलेश सिंह, सीडीओ शंभूनाथ तिवारी, अपर जिलाधिकारी अरविंद कुमार सिंह, सीएमओ डॉक्टर संजय भटनागर, जिला विकास अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह, परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी लक्ष्मी देवी समेत जिले के विभागों के अफसर मौजूद रहे।
किस विभाग को कितनी धनराशि
विभाग रुपये (लाखों में)
कृषि विभाग 24 लाख
गन्ना विभाग 106.76 लाख
पशु पालन 129 लाख
दुग्ध विकास 107.49 लाख
सहकारिता 369 लाख
वन विभाग 120 लाख रुपये
रोजगार कार्यक्रम 605.61 लाख
पंचायती राज 189.90 लाख
ग्राम्य विकास 48 लाख
निजी लघु सिंचाई 323.66 लाख
राजकीय लघु सिंचाई 29 लाख
अतिरिक्त ऊर्जा स्त्रोत 31.30 लाख
खादी एवं ग्रामोद्योग 50 हजार
पर्यावरण विभाग 2 लाख
पर्यटन विभाग 80 लाख
प्राथमिक शिक्षा 942.40 लाख
माध्यमिक शिक्षा 879 लाख
प्राविधिक शिक्षा 90.94 लाख
प्रादेशिक विकास दल 21.43 लाख
ऐलोपैथी विभाग 1828 लाख
होम्योपैथी विभाग 89.92 लाख
आयुर्वेद विभाग 28 लाख
यूनानी विभाग 7 लाख
ग्रामीण स्वच्छता 14 लाख
पूल्ड आवास 469.63 लाख
नगर निकास 849.32 लाख
अनुसूचित जाति कल्याण 159.70 लाख
पिछड़ी जाति कल्याण 126.41 लाख
अल्पसंख्यक कल्याण 95.66 लाख
समाज कल्याण-सामान्य जाति 141 लाख
शिल्पकार-शिक्षण 270 लाख