अमर उजाला ब्यूरो
शामली। दिल्ली-यमुनौत्री फोरलेन हाईवे के तहत शामली से सहारनपुर तक तीन ओवरब्रिज, दस छोटे पुल और एक बाईपास का निर्माण कराया जाएया। उधर, दूसरे चरण के टेंडर में वन और सिंचाई विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र न मिलने के कारण देरी हो रही हैं। इसके लिए 29 नवंबर की तिथि लगाई गई है। प्राधिकरण अफसरों को इसी सप्ताह वन और सिंचाई विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल जाने की उम्मीद हैं।
दिल्ली-यमुनौत्री फोरलेन हाईवे का दो चरणों में निर्माण होना है। पहले चरण में बागपत के ईस्टर्न फेरिफेरल एक्सप्रेस हाईवे से लेकर शामली बाइपास की सीमा तक जबकि दूसरे चरण में शामली बाइपास की सीमा से लेकर सहारनपुर जिले की सीमा तक निर्माण होना है। पहले चरण के लिए टेंडर खोलकर निर्माण एजेंसी नामित की जा चुकी है। शामली से लेकर सहारनपुर जिले की सीमा तक दूसरे चरण के फोरलेन निर्माण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अफसरों ने दो माह पूर्व आन लाइन टेंडर मांगे थे। अक्तूबर में दूसरे चरण के लिए टेंडर खुलना था, मगर कुछ कारणों के चलते 29 नवंबर की तिथि लगा दी गई थी। दिल्ली-सहारनपुर फोरलेन के इंजीनियर अवनीश पराशर ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को शामली से सहारनपुर तक के पेड़ काटने, नहरों, रजबहों के संबंध में सिंचाई विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने में देेरी हो रही है। जल्दी ही विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी हो जाएगा। उन्होंने बताया कि 29 नवंबर को दूसरे चरण के लिए टेंडर बागपत कार्यालय में खोला जाएगा। उन्होंने बताया कि शामली से लेकर सहारनपुर तक शामली में बाईपास, दस छोटे पुल, शामली समेत तीन ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाएगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने दूसरे चरण के टेंडर के लिए 29 नवंबर की तिथि लगाई है।