पढ़ाई में कमजोर छात्र-छात्राओं के लिए चलेंगी अतिरिक्त कक्षाएं
शामली। माध्यमिक कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के गिरते शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए कॉलेजों में अतिरिक्त कक्षाएं चलाई जाएंगी। कमजोर विद्यार्थियों के शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए उपचारात्मक कक्षाएं चलाई जाएगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव के आदेश पर डीआईओएस ने सभी प्रधानाचार्यों को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक अनुराधा शर्मा ने जिले के सभी कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए है कि जो छात्र-छात्रा पढ़ाई में कमजोर है, उन्हें भी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। उन्होंने कमजोर बच्चों की सूची तैयार कर उपचारात्मक कक्षाएं चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्य की जिले स्तर से मॉनिटरिंग भी की जाएगी। डीआईओएस ने चेेतावनी भी दी है कि अगर कमजोर विद्यार्थियों के सुधार के लिए उपचारात्मक कक्षाएं संचालित नहीं की गई तो, सभी कॉलेजों के प्रधानाचार्यों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कॉलेजों में पचास प्रतिशत से अधिक है कमजोर विद्यार्थी
अगर जिले की शिक्षा व्यवस्था का आकलन किया जाए तो पता चलता है कि कॉलेजों में पचास प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी कमजोर श्रेणी के हैं। डीआईओएस ने पूर्व में ही कई माध्यमिक कॉलेजों का भी निरीक्षण किया था। उनकी रिपोर्ट के अनुसार कई स्कूल के बच्चे एक भी प्रश्न का सही जवाब नहीं दे पाए थे। उन्होंने बताया कि इसलिए ऐसे बच्चों को उपचारात्मक कक्षाओं के माध्यम से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना बेहद जरूरी है, जिससे जनपद का बोर्ड परीक्षा में भी अच्छा रिजल्ट रहे।
विद्यार्थियों के लिए अच्छा कदम होगा साबित
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि शासन का यह कदम जनपद की शिक्षा व्यवस्था के सुधार के लिए अच्छा साबित होगा। इसलिए जनपद के सभी कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को इसमें अपना पूरा सहयोग देना चाहिए। वहीं, प्रबंधकों को भी अच्छे रिजल्ट के लिए इस ओर ध्यान देना चाहिए।
वर्जन
माध्यमिक सचिव द्वारा उपचारात्मक कक्षा चलाने के लिए निर्देश दिए गए हैं, जिसके चलते जनपद के सभी 104 माध्यमिक कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए है कि वह शासनादेश का पूरी तरह पालन करें। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। : अनुराधा शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक शामली।