शामली। जिले में एनपीए (नान परफार्मिंग एसेट) हो चुके खाताधारकों के लिए एक मुश्त निपटारा योजना लागू की गई है। जिसमें शामिल एनपीए खाताधारकों को कुल बकाया राशि का 50 प्रतिशत तक लाभ दिया जाएगा। अकेले पीएनबी की 19 शाखाओं में सात हजार 702 एनपीए खातों में 103 करोड़ 49 लाख धनराशि एनपीए घोषित हो चुके हैं।
बैंकिंग योजना के तहत किसानों, उद्यमियों, व्यापारियों के प्रतिष्ठानों, हाउसिंग और कृषि अन्यों ऋणों की व्यवस्था आरबीआई की है। जिले के पंजाब नेेशनल बैंक की 19 शाखाओं के अनुसार सात हजार 702 खाता धारक एनपीए घोषित हो चुके हैं। इन खाताधारकों पर 103 करोड़ 49 लाख की बकाया धनराशि बट्टे खातों में शामिल है। बट्टे खातों की धनराशि वसूलने के लिए एनपीए घोषित हो चुके खाताधारकों की सुविधा के लिए एक मुश्त निपटारा योजना भारत सरकार की आरबीआई ने लागू की है। जिसमें एनपीए खाताधारक अपने कुल बकाया राशि का 50 प्रतिशत तक उठा सकते हैं।
कौन हैं एनपीए खाताधारक
आरबीआई की विभिन्न स्कीम में बैंक खाताधारक विभिन्न योजनाओं में ऋण लेते हैं। ऋण लेने के बाद बैंकों द्वारा खाता धारकों की ऋण की किश्त निर्धारित की जाती है। तीन माह तक ऋण की किश्त बैंकों को अदा न करने पर बैंकों के खाते को एनपीए घोषित कर दिए जाते हैं। अग्रणी जिला प्रबंधक शैलेश कुमार ने बताया कि ऐसे खाताधारकों के निपटारे लिए एक मुश्त निपटरा योजना लागू की गई हैं। योजना में एनपीए खाताधारकों को ऋण देने वाले बैंकों से एक समझौता करना होगा। समझौते के अनुुसार सात दिन में 25 प्रतिशत धनराशि बैंकों को जमा करनी होगी। शेष धनराशि बकायादार खाताधारकों को 90 दिन में अदा करनी होगी। ऐसे मामले में बैंक एनपीए खाताधारकों से बैंक ब्याज नहीं वसूलेगा। एनपीए खाताधारक अपनी कुल धनराशि का 50 प्रतिशत तक लाभ उठा सकते हैं। योजना की अभी तक अंतिम तिथि घोषित नहीं की हैं।