सर शादीलाल शुगर मिल डिस्टलरी यूनिट के बायोगैस प्लांट से गैस रिसाव मामले की जांच करने आई केंद्रीय रोग नियंत्रण टीम बुधवार को पूरा दिन डाटा फीड करने में लगी रही। टीम ने मोहल्ला दयानंदनगर के 1900 परिवारों से बातचीत कर हकीकत जानने की कोशिश की। सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल और बालिका इंटर कॉलेज से करीब 1900 बच्चों से कई बिंदुओं पर पूछताछ की थी। टीम ने कहा कि ब्योरे को संकलित किया जा रहा है। टीम ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद दिल्ली में उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
गौरतलब है कि 0 अक्तूबर को सर शादीलाल शुगर मिल डिस्टलरी यूनिट के बायोगैस प्लांट से गैस रिसाव होने पर सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल और बालिका इंटर कॉलेज के करीब 300 छात्र-छात्राएं बीमार हो गए थे। इस संबंध में दिल्ली से केंद्रीय रोग नियंत्रण की टीम कई दिन से शामली में डेरा जमाए हुए है। टीम में डॉक्टर अशोक कुमार तालियान और एसएस कादरी के अलावा अन्य लोग भी शामिल हैं। तीन दिन तक टीम ने मोहल्ला दयानंदनगर और दोनों स्कूलों में पहुंचकर लोगों से गैस रिसाव से हुए प्रभाव के बारे में जानकारी ली थी। लोगों ने बताया कि गैस रिसाव के कारण सांस लेने में तकलीफ हुई थी। इसी के चलते टीम ने 21 बिंदुओं के प्रारूप पर प्रश्नों के जवाब खंगाले। निरीक्षण का कार्य पूरा होने पर बुधवार को सीएमओ कार्यालय पर पहुंची टीम लोगों से बातचीत के आधार पर इकट्ठा किए गए ब्योरे को संकलित करने का कार्य प्रारंभ किया। पूरा दिन टीम इसी कार्य में लगी रही। डॉक्टर अशोक तालियान और एसएस कादरी ने बताया कि अभी टीम कई दिन तक शामली में रहेगी। पूर्व में जो डाटा फीड किया गया था, उसमें करीब 50 फार्मों में कुछ खामियां रह गई थीं, उसे भी दुरुस्त किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट दिल्ली जाकर उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी, जिसके बाद कोई निष्कर्ष निकलेगा।