शामली के खतौली चीनी मिल के शामली समेत चार जिलों में 16 गन्ना खरीद केंद्र नहीं चलने से किसान परेशान हैं। गन्ने की पेराई नहीं होने से किसानों की गेहूं की बुआई पिछड़ रही है।
एक सप्ताह पूर्व डीएम ओपी वर्मा की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित किसान दिवस में कनियान गांव में उत्तम चीनी मिल खाईखेड़ी स्वीकृत गन्ना खरीद केंद्र चालू नहीं होने का मुद्दा रमाला गन्ना सहकारी समिति के डायरेक्टर राजवीर सिंह आर्य ने उठाया था। किसानों ने संकेत दिया था संबधित चीनी मिल गन्ना खरीद उखाड़ने के प्रयास में है, गांव का किसान दुविधा में है कि वह अपना गन्ना किस चीनी मिल में ले जाए। गन्ने की पेराई न होने से गेहूं की बुआई पिछड़ रही है।
गन्ना विभाग के आंकडे़ के अनुसार पड़ोसी जिले की खतौली चीनी मिल के 167 गन्ना खरीद केंद्र स्वीकृत हुए थे। खतौली चीनी मिल चलने के बाद आज शामली जिले के रामपुर खेड़ी, मखमूलपुर- खासपुर, लांक द्वितीय, लंाक सप्तम, मुजफ्फरनगर जिले में सिसौली द्वितीय, सिसौली चुतर्थ, सिसौली षटम, हडौली द्वितीय, गढ़ी बहादुर पुर, खरड़ पंचम, बागपत जिले के निरपुड़ा प्रथम, इदरीशपुर चतुर्थ, गढ़ी शिकारपुर, दोघट पंचम, मेरठ जिले के रियावली नंगला, मायगी -भंगेला, राजपुर प्रथम गन्ना खरीद केंद्र चालू नहीं हो पाए हैं।
सूत्रों के अनुसार किसानों का गन्ना पेराई न चलने होने से गेहूं की बुआई पिछड़ रही है। गेहूं की बुआई न होने से किसान जनांदोलन की धमकी दे रहे हैं। दूसरी तरफ सहारनपुर मंडल के उप गन्ना आयुक्त सतेंद्र सिंह ने शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत जिले के डीएम को पत्र भेजकर बताया खतौली चीनी मिल ने गन्ना खरीद केंद्र चालू नहीं करके उत्तर प्रदेश गन्ना आपूर्ति और विनियमन अधिनियम 1953 और शुगर केन कंट्रोल आर्डर 1966 का उल्लंघन किया। उन्होंने मिल के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।