महंगाई ने बिगाड़ा रसोई का बजट
शामली। पिछले एक पखवाड़े से रसोई में प्रयोग होने वाली चीजों के दाम में लगातार तेजी आ रही है। दाल चावल, घी ,तेल सबकी कीमतें सातवें आसमान पर जा रही हैं। दालें तो सैकड़ों पार कर गई हैं। कई चीजों के दाम तो 20 फीसदी तक महंगे हो गए हैं। कीमतों में तेजी का क्रम 20 जून के बाद शुरू हुआ है। सबसे ज्यादा तेजी दाल और चावलों में हो रही है। अच्छा बासमती चावल में तो 20 से 25 रुपये किलो तक की तेजी है। दालों का भी यही हाल है। कई दालें तो 10 से 15 रुपये बढ़कर 100 रुपये किलो से ऊपर पहुंच गई हैं। घी, तेल में भी जबर्दस्त तेजी है। लोगों का कहना है कि दाल चावल, और तेल सब महंगा हो रहा है। लोगों को अपनी रसोई का बजट बिगड़ने की चिंता सताने लगी है।
दूध भी हो गया महंगा
शामली। कुछ ब्राडेड कंपनियों ने अपने दूध का रेट दो रुपये किलो तक बढ़ा दिया है। फुल क्रीम दूध 52 रुपये किलो से बढ़कर 54 रुपये कर दिया है। दूध का रेट बढ़ने की वजह से देशी घी में भी 20 से 25 रुपये किलो की तेजी आ गई है। कुछ दुकानों पर पनीर भी 20 रुपये किलो महंगा कर दिया गया है।
यशिका संगल कहती हैं कि घरेलू चीजों की कीमतों पर सरकार को नियंत्रण रखना चाहिए। यदि इस तरह 15 से 20 प्रतिशत कीमतें बढ़ेंगी तो रसोई का बजट बिगड़ जाएगा, क्योंकि आमदनी सीमित होती है । खर्च बढ़ने से बजट ही बिगड़ता है। वैसे भी मोदी सरकार मध्यम वर्गीय परिवारों का ध्यान रखती है।
रेणू जिंदल सरकार को महंगाई कम करने के प्रयास करने चाहिए। घरेलू रोजमर्रा के रसोई के सामान की कीमतों पर सरकारी नियंत्रण होना चाहिए । महंगाई बढ़ने की वजहों पर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए। ताकि आम जनता पर बोझ ना पड़े।
अनिता बंसल कहती हैं कि दाल चावल, तेल सब महंगा हो रहा है। रसोई का खर्च बढ़ने लगा है। ऐसे में घर का बजट बिगड़ता है। हर चीज महंगी क्यों हो रही है। सरकार को विचार कर इन्हें नियंत्रित रखने के प्रयास करने चाहिए, ताकि आम लोग परेशान ना हों।
वुस्त 15 दिन पूर्व वर्तमान कीमत
उड़द दाल धुली 85 100
उड़द दाल छिलका 80 90
दाल मूंग 75 90
मसूर दाल 65 80
चीनी 34 36
बेसन 70 80
देशी घी 370 400
सरसों तेल 90 105
चावल बासमती 80 105
दूध फुल क्रीम 52 54