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सीबीआई ने जनवरी 2017 में खनन के पटटो की जांच की थी।

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सीबीआई ने कई दिनों तक डेरा डालकर की थी लंबी पड़ताल
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झिंझाना/चौसाना (शामली)। वर्ष 2012 से 2016 के बीच हुए खनन घोटाले के मामले में जांच में शामली जिले का नाम भी आने से आला अफसरों में खलबली मची हुई है। सीबीआई की टीम ने कई दिनों तक यहां डेरा डालकर जांच पड़ताल की । पट्टों के टेंडर से संबंधित फाइलें कब्जे मेें लेकर जांच चल रही थी।
हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई की टीम ने जनवरी से मार्च 2017 के बीच जिले में जांच पड़ताल की। टीम थानाभवन के गेस्ट हाउस में रुकी और कई दिन तक यहां रहकर जांच पड़ताल की। खनन अधिकारी के अनुसार टीम 2012 से 2016 के बीच हुए खनन के पट्टों के टेंडर से संबंधी फाइलें अपने साथ ले गई थी। टीम ने बिडौली, शीतलगढी मंगलौरा के पास रेत खनन प्वाइंट पर जाकर निरीक्षण किया था। कैराना में भी टीम ने जांच पड़ताल की थी। सीबीआई के एसपी ने खुद बिड़ौली क्षेत्र में टीम के साथ पड़ताल की थी। वहां रेत के बड़े बड़े टीले लगे मिले थे। स्टॉक की नापतौल आदि भी टीम करके ले गई थी। ग्रामीणों से भी जानकारी ली थी। सीबीआई टीम ने कई दिनों तक थानाभवन शुगर मिल के गेस्ट हाउस में कैंप कर तत्कालीन डीएम, खनन अधिकारी और थाना प्रभारी अवनीश गौतम के साथ कई घंटे बंद कमरे में बात की थी। बाद में सीबीआई टीम वापस लौट गई थी। इस मामले में सीबीआई ने अपने यहां कुछ लोगों पर केस भी दर्ज किया था।
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टेंडर की फाइलों की चली लंबी जांच
खनन सूत्रों के अनुसार सपा सरकार के दौरान पहले आओ पहले पाओ के आधार पर खनन के पट्टे दिए गए थे। शिकायत थी कि ये पट्टे गलत ढंग से दिए गए हैं। इसमें मंत्री का नाम चर्चाओं में आया था। इसी शिकायत पर हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने इन पट्टों के टेंडर संबंधी फाइलें खनन विभाग से लेकर जांच की थी। बताया जाता है सीबीआई ने जांच पड़ताल पूरी कर ली है। संभवत:अब ये मामला ईडी देख रही है। चर्चा है कि ईडी भी सीबीआई जांच के आधार पर शामली खनन पट्टा आवंटन को लेकर बेतहाशा संपति कमाने वाले सत्ता के बड़े लोगों पर शिकंजा कस सकती है।
भाजपा सरकार ने आते ही बदली व्यवस्था
खनन अधिकारी के अनुसार भाजपा सरकार ने आते ही घपलेबाजी रोकने के लिए लंबी अवधि के पट्टों की ई टैंडरिंग व्यवस्था से देने की व्यवस्था की। इसमें रायॅल्टी रवन्ना आदि अधिकांश चीजें सब आन लाइन व्यवस्था से होगा। ऐसे में घपले की गुंजाइश नहीं होगी। इस व्यवस्था से फिलहाल जिले में केवल एक कैराना खादर में ही एक पट्टा चल रहा है, जबकि मामौर में एक ओर पट्टा आवंटन की प्रक्रिया चल रही है।
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कोट
मुझे भी बुलाकर ली थी जानकारी
सीबीआई ने मुख्यालय बुलाकर जानकारी ली थी। खनन अधिकारी के अनुसार टीम ने उनसे बिड़ौली खनन प्वाइंट के बारे में काफी देर बात की थी। उन्होंने बताया था कि ये मामला उनकी पोस्टिंग से पूर्व का है। इस प्रकरण से संबंधी सभी कार्यवाही सीबीआई लेवल पर ही चल रही है।
ब्रजेश कुमार गौतम,खनन अधिकारी
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